CBSE-NET (Based on NTA-UGC) Hindustani Music (Paper-II) Applied Theory-Detailed and Critical Study of Ragas Revision (Page 5 of 52)

Subscribe now to access pointwise, categorized & easy to understand notes on 217 key topics of CBSE-NET (Based on NTA-UGC) Hindustani Music (Paper-II) covering entire 2018 syllabus. All the updates for one year are also included. View Features or choose a topic to view more samples.

Rs. 350.00 or

BHIMPLASI

  • स्वर आरोह में रिषभ, धैवत वर्ज्य। गंधार, निषाद कोमल। शेष शुद्ध स्वर। जाति औढव - सम्पूर्ण। थाट काफी। वादी/संवादी मध्यम/षड्ज। समय दिन का तीसरा प्रहर। विश्रांति स्थान सा; म; प; - सा’; प; म; । मुख्य अंग, नि१ सा ग१ म प; नि ध प; सा’; नि१ ध प; म ग१ रे सा; ।आरोह-अवरोह, नि१ सा ग१ म प नि१ सा′ - सा′ नि१ ध प म ग१ रे सा; , नि१ सा, प, नि१ सा; । विशेष: राग भीमपलासी दिन के रागों में अति मधुर और कर्णप्रिय राग है। इसके अवरोह में सातों स्वरों का प्रयोग किया जाता है। अवरोह में रिषभ और धैवत पर जोर दे कर

… (1684 more words) …

Subscribe & login to view complete study material.

Bhairavi

  • स्वर रिषभ, गंधार, धैवत और निषाद कोमल। शेष शुद्ध स्वर। जाति सम्पूर्ण - सम्पूर्ण।थाट भैरवी वादी/संवादी मध्यम/षड्ज। समय दिन का प्रथम प्रहर। विश्रांति स्थान सा; म; प; - सा’; प; म;

  • मुख्य अंग ग१ सा रे१ सा; ग१ म प; ध१ म ध१ नि१ सा′; रे१′ सा′ ध१ प ग१ म रे१ सा; ।आरोह-अवरोह सा रे१ ग१ म प ध१ नि१ सा′ - सा′ नि१ ध१ प म ग१ रे१ सा; ।विशेष - यह भैरवी थाट का आश्रय राग है। हालांकि इस राग का गाने का समय प्रातःकाल है पर इस राग को गाकर महफिल समाप्त करने की परंपरा प्रचार में है। आजकल इस राग में बारह स्व

… (1631 more words) …

Subscribe & login to view complete study material.

f Page
Sign In