Subscribe now to access pointwise, categorized & easy to understand notes on 130 key topics of CBSE-NET (UGC) Hindustani Music (Paper-II & Paper-III) covering entire 2016 syllabus. All the updates for one year are also included. View Features or .

Rs. 200.00 or

राग मधुवंती

  • स्वर आरोह में रिषभ व धैवत वर्ज्य। गंधार कोमल, मध्यम तीव्र। शेष शुद्ध स्वर। जाति औढव - सम्पूर्ण। थाट तोड़ी। वादी/संवादी पंचम/षड्ज। समय दिन का चतुर्थ प्रहर। विश्रांति स्थान सा; ग१; प; नि; - सा‘; नि; प; रे; मुख्य अंग, नि सा म् ग१ म् प; म् ग१ सा रे सा; आरोह-अवरोह, नि सा ग१ म् प नि सा’ - सा′ नि ध प म् ग१ म् ग१ रे सा, नि सा; विशेष - यह अपेक्षाकृत नया राग है। पूर्व में यह राग अम्बिका के नाम से जाना जाता था। यह श्रृंगार रस से परिपूर्ण होने के कारण श्रोताओं पर… (106 more words) …

Subscribe & login to view complete study material.

राग चारुकेशी

  • स्वर धैवत व निषाद कोमल। शेष शुद्ध स्वर।

  • जाति सम्पूर्ण - सम्पूर्ण। थाट किसी भी थाट के अंतर्गत नहीं। वादी/संवादी षड्ज/मध्यम। समय दिन का दूसरा प्रहर। विश्रांति स्थान रे; ग; म; प; ध१; मुख्य अंग, ध१, नि१ सा रे ग म ग रे; रे ग म ध१ प; रे ग म रे सा; आरोह-अवरोह सा रे ग म प ध१ नि१ सा′ - सा′ नि१ ध१ प म ग रे सा, ध१, नि१ सा; विशेष - राग चारुकेशी अपेक्षाकृत नया राग है जिसे दक्षिण भारतीय संगीत पद्धति से लिया गया है। यह बहुत ही मधुर राग है जिसे तीनों सप्तकों… (232 more words) …

Subscribe & login to view complete study material.

Sign In