Subscribe now to access pointwise, categorized & easy to understand notes on 483 key topics of CBSE-NET (UGC) Hindi Literature (Paper-II & Paper-III) covering entire 2017 syllabus. All the updates for one year are also included. View Features or choose a topic to view more samples.

Rs. 450.00 or

दव्तीय कोटि के कवि (रीतिसिद्ध) सोमनाथ

सोमनाथ

  • जीवन परिचय- संवाग-निरूपक रीतिकवियों में सोमनाथ अथवा शशिनाथ का स्थान भी कम महत्वपूर्ण नहीं है। इनके अपने कथन के अनुसार यह ज्ञातव्य है कि यह माथुर ब्राह्यण नीलकण्ठ के पुत्र थे तथा भरतपुर के महाराज बदनसिंह के कनिष्ठ पुत्र महाराज प्रतापसिंह के आश्रय में रहते थे। इनका कविता काल 1725 से 1760 ई. के बीच ठहरता है।
  • रचनाएँ- इनके दव्ारा रचित यह 5 ग्रंथ बताये जाते हैं-रसपीयूषनिधि, श्रृंगारविलास, कृष्णलीलावती,
… (502 more words) …

Subscribe & login to view complete study material.

रीतिसिद्ध कवि बिहारी के अनुसार धारा

रीतिबद्ध व रीति -मुक्त धारा (स्वच्छन्तावादी धारा)

रीतिबद्ध धारावालों को साध्य एवं साधन दोनों काव्य ही था, पर रीतिमुक्त धारा वालों का साध्य था-प्रेम और उसी की अभिव्यक्ति का साधन था-काव्य। दोनों धाराआंे के अंतर निम्न हैं-

  • प्रथम धारा का लक्ष्य ’कला’ था, उसकी उपासना में यदि ’भाव’ की हत्या भी हो जाए तो इस बात की उन्हें चिंता न होने पर दव्तीय धारा का साध्य ’भाव’ था और कला
… (645 more words) …

Subscribe & login to view complete study material.

f Page
Sign In