CBSE-NET (Based on NTA-UGC) Hindi Literature (Paper-II) हिन्दी साहित्य का इतिहास (History of Hindi Literature)-आधुनिक काल (Modern Period) Revision (Page 4 of 9)

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आधुनिक काल की परिस्थितियाँ

  • आधुनिक काल की परिस्थितियाँ

    ज्ञान-विज्ञान मनोविज्ञानादि की उन्नति, दैनिक जीवन में अनेकानेक परिवर्तन, साहित्य के प्रचार-प्रसार की नाना सुविधाएं और देश-विदेशों का बढ़ता हुआ निकट प्रभाव-संपर्क आदि तो आधुनिक काल के प्रमुख प्रेरक स्त्रोत रहे ही हैं, विभिन्न परिस्थितियों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई हैं।

    राजनीति परिस्थिति -सन्‌ 1857 से 1947 तक का स्वतंत्रता संग्राम अनेक क्रांतिकारी परिवर्तनों का काल था। इस समय तक बाहर से आए विदेशी मुसलमान भी भारतीय बन चुके थे और अंग्रेजो से लोहा लेने के लि

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आधुनिक काल में भारतेन्दु युग

भारतेन्दु एवं हिन्दी गद्य

भारतेन्दु ने अपने काव्य में छूआछूत, बालविवाह, वृद्धविवाह, अंधविश्वास आदि पर व्यंग्य करते हुए उनके प्रति विरोध प्रकट किया हैं। भारतेन्दु जी राधा-कृष्ण के भक्त थे और उनकी भक्ति को कवि ने अपने काव्य का विषय बनाया। उनकी कविता में स्थान-स्थान पर हास्य विनोद का पुट भी दिखाई देता है।

विधाएँ व विषय-विवेच्य युग का गद्य साहित्य पूर्व युगों की अपेक्षा अधिक बहुमुखी, व्यापक, गुणयुक्त और सब मिलाकर समृद्ध है। इसका प्रमाण है- ब्रज, खड़ी बोली, दक्खिनी हिन्दी, राजस्थानी भोजपुर

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