CBSE-NET (Based on NTA-UGC) Hindi Literature (Paper-II) हिन्दी साहित्य का इतिहास (History of Hindi Literature)-आधुनिक काल (Modern Period) Revision (Page 3 of 9)

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भारतेन्दु की पत्रिका का विकास

  • हिन्दी -पत्रकारिता का विकास

    भारतेन्दु युग में प्रथम स्वतंत्रता -संग्राम (सन्‌ 1857) की असफलता और फलस्वरूप विदेशी सत्ता के बढ़ते हुए दमनचक्र की भंयकर परिस्थितयों में ही हिन्दी पत्रकारिता ने आंखे खोली थीं। इस पत्रिकाओं को बनाये रखना बहुत कठिन कार्य था, लेकिन इसके पत्रकार लोग इतने निर्भिक, निडर, साहसी और देशभक्त थे कि हर मूल्य पर कर्तव्य-पालन पर डटे रहना चाहते थे। बड़े-बड़े विरोधी को झेलकर अपने कर्तव्य यानी पत्रिका को बनाये रखता था। लेखक मंडल का उत्साहित प्रेरित करता था। नि: संदेह भारतेन्

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हिन्दी गद्य का उद्भव और विकास

  • आधुनिक काल: हिन्दी गद्य का उद्भव और विकास

    हिन्दी साहित्य की विकास यात्रा का अध्ययन अंतिम सोपान है- आधुनिक काल। इस काल में गद्य की प्रधानता होने के कारण इसको ’गद्यकाल’ भी कहा गया है। यहाँ पर ’आधुनिक’ शब्द एकदम समय-सापेक्ष हैं, मात्र व्युत्पतिक अर्थ (वर्तमान, समकाल अथवा सम्प्रति) में प्रयुक्त नहीं है। अपने अर्थ-प्रसार (नया, अंतिम, नवीन) में भी यह सीमित नहीं है। यह बात भी दृष्टव्य है कि ’आधुनिक’ शब्द प्राचीन काल जैसा कोई काल-नामकरण हिन्दी साहित्य में नहीं मिलता है। नि: संदेह यह नाम किस

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