CBSE-NET (Based on NTA-UGC) Hindi Literature (Paper-II) हिन्दी साहित्य का इतिहास (History of Hindi Literature)-मध्यकाल (Middle Era) Revision (Page 12 of 16)

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भक्तिकाल में सगुण काव्य - केशवदास

  • इनका जन्म 1555 ई. और मृत्यु 1617 ई. के आसपास हुई थी। ओरछा-नरेश महाराज रामसिंह के भाई इन्द्रजीतसिंह की सभा में इनका अपने पाण्डित्य के कारण अत्यधिक सम्मान था। इनके दव्ारा लिखे गये सात ग्रंथ मिलते हैं- कविप्रिया, रसिकप्रिया, रामचन्द्रिका, वीरसिंहचरित, विज्ञानगीता, रतनबावनी और जहाँगीर जसन्द्रिका।
  • इनमें से रामचन्द्रिका (1601) हिन्दी-रामकाव्य-परम्परा के अंतर्गत एक विशिष्ट कृति है। यह प्रबंधकाव्य 39 प्रकाशों में विभाजित है। अनेक प्रसंग स्पष्टत: प्रसन्नराघव, हनुमन्नाटक, अनर्घराघव, कादम्बरी

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भक्तिकाल में सगुण काव्य - सेनापति

  • इनका जन्मकाल 1589 ई. में लगभग माना जाता है। यह गंगाधर के पुत्र, परशुराम के पौत्र और हीरामणिदीक्षित के शिष्य थे। ’कवित्त-रत्नाकर’ इनका प्रसिद्ध ग्रंथ है, जिसकी रचना इन्होंने संवत्‌ 1706 में की थी।

संवत्‌ सत्रह सै छ में सेइ सियापति पाय।

सेनापति कविता तजी सज्जन सजो सहाय।

  • इस ग्रंथ की चौथी और पांचवी तरंगो में रामायण के अनेक मधुर प्रसंगों का वर्णन सुसंस्कृत अर्थगर्भित भाषा में किया गया है। अनुप्रास और यमक अलंकारो का सेनापति की भाषा में अत्यधिक प्राचुर्य है। हिन्दी में भावनानुकुल ऋतु-वर्णन

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