CBSE-NET (Based on NTA-UGC) Hindi Literature (Paper-II) हिन्दी साहित्य का इतिहास (History of Hindi Literature)-मध्यकाल (Middle Era) Revision (Page 11 of 16)

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भक्तिकाल में सगुण काव्य - गोस्वामी तुलसीदास

  • गोस्वामी तुलसीदास के जीवन-वृत के बारे में अंत: साक्ष्य एवं बहि-साक्ष्य के आधार पर विदव्ानों ने विविध मत प्रस्तुत किये हैं। बेनीमाघवदास-प्रणीत ‘मूल गोसाई चरित’ तथा महात्मा रघुबरदास-रचित ‘तुलसी चरित’ में गोस्वामी जी का जन्म-संवत्‌ 1554 दिया हुआ है। बेनीमाघवदास जी की रचना में गोस्वामी जी की जन्मतिथि श्रावण शुक्ला सप्तमी का भी उल्लेख है। इस संवत्‌ के अनुसार इनकी आयु 126 - 127 वर्ष की ठहरती है। ‘शिवसिंह सरोज’ में इनका जन्म-संवत्‌ 1583 स्वीकार किया गया है। मिरजापुर के प्रसिद्ध रामभक्त पं.

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भक्तिकाल में सगुण काव्य - नाभादास

  • गोस्वामी तुलसीदास के समकालीन रामभक्त कवियों में नाभादास का नाम विशेष रूप से उल्लेखनीय है। उन्होंने हिन्दी में भक्तमाल-परम्परा का सूत्रपात ही नहीं किया, वरन्‌ अद्यावधि उपलब्ध भक्तमालों में सर्वश्रेष्ठ भक्तमाल हिन्दी को दिया। उनके भक्तमाल का रचनाकाल 1596 ई. स्थिर किया जाता है। इसके आधार पर उनका जन्मकाल 1570 ई. के आसपास ठहरता है।
  • नाभादास के भक्तमाल के अनुशीलन से यह स्पष्ट विदित होता है कि उनको संस्कृत-काव्यशास्त्र, छंद: शास्त्र आदि का अच्छा ज्ञान था। उन्होंने भक्तों के परिचय में जिस स

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