CBSE-NET (Based on NTA-UGC) Hindi Literature (Paper-II) हिन्दी साहित्य का इतिहास (History of Hindi Literature)-हिन्दी राम-काव्य (Hindi Ram Poet) Revision (Page 2 of 2)

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रामभक्ति शाखा के अन्य कवि

  • स्वामी अग्रदास- रामानन्द की शिष्य परंपरा में अग्रदास का नाम सम्मान पूर्वक लिया जाता है। इनके गुरु स्वामी कृष्णदास पयहारी थे। स्वामी अग्रदास राजस्थान में गलता नाम के स्थान की गद्दी पर आसीन थे। उन्होंने चार पुस्तकों की रचना की।

  1. हितोपदेश उपखाणां बावनी
  2. ध्यान मंजरी
  3. राम ध्यान मंजरी
  4. कुंडलिया।
  • नाभादास जी- अग्रदास के प्रिय शिष्य नाभादास राम के परम भक्त थे और साधु-संतों में अपना जीवन बिताते थे। भक्ति ग्रंथों में नाभादास दव्ारा लिखित भक्तमाल बहुत प्रसिद्ध है। इसमें 200 भक्तों के चरित्र का

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रामभक्ति की कुछ विशेषताएँ

रामानन्द के अनुयायी सभी रामभक्त कवियों ने अयोध्या नरेश दशरथ के पुत्र मर्यादा पुरुषोत्तम राम को विष्णु के अवतार के रूप में माना है। राम परब्रह्यम स्वरूप हैं। उनमें शील, शक्ति और सौंदर्य का पूर्ण समावेश है। अपने आचरण से वे संसार के समक्ष शील का उदाहरण प्रस्तुत करते हैं। अपनी शक्ति से उन्होंने सपरिवार लंकापति दृष्ट रावण का संहार किया तथा अपनी सुन्दरता से वे कामदेव को भी लज्जित करते हैं। उनका स्वरूप ’कोटि मनोज लजावन हारा’ है। किन्तु इन गुणों से बढ़कर उनका लोक रक्षक रूप ही सबसे ऊपर है।

  • भार

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