CBSE-NET (Based on NTA-UGC) Hindi Literature (Paper-II) हिन्दी साहित्य का इतिहास (History of Hindi Literature)-हिन्दी कृष्ण-काव्य (Hindi Krishna Poet) Revision (Page 7 of 14)

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अष्ट छाप के अन्य कवि - कृष्णदास

  • कृष्णदास अधिकारी के नाम से विख्यात अष्टछापी भक्त कवि के संबंध में अभी तक प्रामाणिक जानकारी प्राप्त नहीं हुई है। डॉ. दीनदयालु गुप्त ने ’अष्टछाप और वल्लभ-सम्प्रदाय’ ग्रंथ में इनका परिचय लिखते हुए ’चौरासी वैष्णवन की वार्ता’ और ’दो सौ बावन वैष्णवन की वार्ता’ को ही प्रमाण माना है। उनके लेखानुसार कृष्णदास ’कुनबी’ जाति के थे, जो शुद्र जातियों में परिगणित की जाती है। इनका जन्म गुजरात में राजनगर राज्य (अहमदाबाद) के चिलोतरा गांव में 1496 ई. में हुआ था। इनके पिता गांव के मुखिया थे। कृष्णदास बा

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अष्ट छाप के अन्य कवि - नन्ददास

  • अष्टछाप के कवियों में नन्ददास का स्थान काव्य-सौष्ठव और भाषा की प्रांजलता की दृष्टि से सूरदास के बाद समझना चाहिए। ये तुलसीदास के गुरुभाई थे। गोस्वामी विट्‌ठनाथ के शिष्य नन्दास को पुष्टिमार्ग में दीक्षित किया गया था। नन्ददास बहुमुखी प्रतिभा के भक्त कवि थे। इनके जीवनवृत्त के विषय में भी बहुत अधिक मतभेद पाया जाता है। इनका कुछ परिचय ’दो सौ बावन वैष्णवन की वार्ता’ और अष्टसखान की वार्ता में उपलब्ध होता है। इन वार्ताओं के आधार पर यह प्रतीत होता है कि नन्ददास गोस्वामी विठ्ठलनाथ के शिष्य बनन

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