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निम्बार्क संप्रदाय

1 श्री भटट- निम्बार्क संप्रदाय के थे। इनके गुरु का नाम था कैशव काश्मीरी। इनका जन्मकाल सं. 1595 अनुमति है।

2 स्वामी हरिदासजी- के प्रसिद्ध भक्तों में स्वामी हरिदास का नाम प्रसिद्ध है जिन्होंने बाद में ’हट्‌टी संप्रदाय’ नाम से अपना स्वतंत्र संप्रदाय स्थापित किया है। स्वामी हरिदास अकबर के राज-गायक तानसेन के गुरु माने जाते हैं। उनका संपूर्ण काव्य भारतीय संगीत-शास्त्र की राग-रागिनियों से संबंध है। इसमें भावपक्ष की प्रधानता है।

हरिदास जी सखी संप्रदाय के संस्थापक थे। इनका कविता काल संवत्‌ 1600 से 1700 माना जाता है। ये कवि तो थे ही, गाने के भी शौकीन बहुत… (503 more words) …

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कृष्ण काव्य - परिचय

  • स्वामी शंकराचार्य दव्ारा स्थापित अद्धैत दर्शन की प्रतिक्रिया के रूप में सगुण भक्ति का प्रादुर्भाव हुआ। भारतीय पौराणिक साहित्य में विशेष रूप से विष्णु पुराण और भागवत पुराण से सगुण भक्ति को प्रेरणा मिली। श्रीमद् भगवद्गीता में तो स्वयं भगवान कृष्ण ने स्वीकार किया है-

यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत।

अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजामयहम्‌।।

  • कृष्णभक्त अपने आराध्य श्रीकृष्ण को पुरुषोत्तम कहते हैं तथा उन्हें दिव्य गुणों से युक्त मानते हैं। पुरुषोत्तम रूप में ही आनन्द का आविर्भाव होता है। श्रीमद्भागवत में भी कृष्ण भक्ति के लिए आधार मिलता है।
  • दक्षिण के मंदिरों में रहने वाली देवदासियों ने श्रीकृष्ण को पति… (423 more words) …

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