CBSE-NET (Based on NTA-UGC) Hindi Literature (Paper-II) हिन्दी साहित्य का इतिहास (History of Hindi Literature)-हिन्दी कृष्ण-काव्य (Hindi Krishna Poet) Revision (Page 12 of 14)

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अन्य फुटकर कवि - केशवदास (1612 - 74)

  • आचार्य केशवदास पूर्व चर्चित बलभ्रद मिश्र के भाई एवं ओरछा नरेश महाराज रामसिंह के भाई इंद्रजीत के यहां सभासद् थे। इस दरबार में इनकी प्रतिष्ठा व्यास एवं आचार्य दोनों रूपों में थी। संगीत पंडितों की यहाँ मंडली थी। पतुरियों का आचार्यत्व इन्हें सौंपा गया था। प्रवीणराय इनकी शिष्य भी थी। रीति ग्रंथ का आविर्भाव कृपाराम एवं बलभ्रद मिश्र ने थोड़ा बहुत कर दिया था। परिस्थिति भी केशव के समक्ष अध्यापक की थी, जिसे कवि-शिक्षा ग्रंथ लिखना चाहिये।

    आचार्यत्व की दृष्टि से जब हम केशवदास पर विचार करते हैं,

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अन्य फुटकर कवि - रहीम

  • रहीम ने जो लोकप्रियता प्राप्त की वह बहुत कम लोगों को मिलती है। कृष्ण-भक्ति के साथ ही रहीम के दोहे जीवन के व्यावहारिक पक्ष को प्रस्तुत करते हैं।

  • इनके अतिरिक्त आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने अपने इतिहास में इस काल के कवियों की सूची में निम्नलिखित नाम दिए है।

  • छीहल, लालचदास, कृपाराम, नरहरि बंदीजन, नरोत्तमदास, आलम, मनोहर कानि, बलभद्र मिश्र, जमाल, केशवदास, कादिर, मुबारक, सेनापति, बनारसीदास, पुहकर आदि।

  • ये एक प्रेमी जीव थे, जिसका लौकिक प्रेम अंत में परलोक की ओर उन्मुख हो गया- इश्क मिजाजी

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