Subscribe now to access pointwise, categorized & easy to understand notes on 365 key topics of CBSE-NET (UGC) Hindi Literature (Paper-II & Paper-III) covering entire 2016 syllabus. All the updates for one year are also included. View Features or .

Rs. 400.00 or

छायावाद के कवि - जयशंकर प्रसाद

छायावाद के प्रमुख कवि- छायावाद के चार स्तंभ कहे जाते हें।

जयशंकर प्रसाद (1889 - 1937 ई. ) -प्रसाद बहुमुखी प्रतिभा के कवि थे। उन्होंने साहित्य के विभिन्न अंगो नाटक, कविता, उपन्यास कहानी, निबंध आदि में रचना की। झरना इनकी प्राथमिक काव्य-रचनाओं में गिनी जाती हैं। आँसू काव्य ने उन्हें छायावादी कवि के रूप में प्रतिष्ठित किया।

उनकी रचनाएँ निम्न हैं-

  • महाकव्य- कामायानी
  • खंडकाव्य- महाराणा का महत्व, , प्रेमपथिक, आँसू
  • काव्य-रूपक- करूणालय
  • गीतिकाव्य- कानन कुसुम, झरना, चित्राधार, लहर आदि।
  • नाटक- चंद्रगुप्त, स्कंदगुप्त, अजातशत्रु, विशाख, ध्रवुस्वामिनी, राज्यश्री।
  • एकांकी- सज्जन, एकघूंअ, प्रायश्चित
  • उपन्यास- कंकाल, तितली
  • कहानी-संग्रह… (193 more words) …

Subscribe & login to view complete study material.

छायावाद के कवि - सुमित्रानंदन पंत

सुमित्रानंदन पंत- निराला जी के अनुसार प्रकृति के सुकमार कवि छायावादी काव्यधारों में माने जाते हैं। अपने जन्मस्थान कोसानी के प्राकृतिक सौंदर्य से प्रेरणा पाकर वे काव्य -रचना में प्रवृत्त हुए। पंजी जी कवींन्द्र रवीन्द्र से विशेष प्रभावित हुए। कोमलता और सौंदयता उनके काव्य में बहुत अधिक हैं। कवि का प्रकृति के साथ भाव साहचर्य भी रहा है। प्रकृति के नाना रूपों, सुन्दर सुमन, ऊँचा सिर उठाए शैल-शिखर, तरंगित सरिताएं और मतवाले झरनों ने उसे सदा अपनी ओर आकृष्ट किया हैं। अपनी कल्पना से नई उपमाओं का सहारा लेकर पंत जी ने प्रकृति के मनोहरी चित्र खींचे हैं-

गिरि… (378 more words) …

Subscribe & login to view complete study material.

Sign In