CBSE-NET (Based on NTA-UGC) Hindi Literature (Paper-II) हिन्दी साहित्य का इतिहास (History of Hindi Literature)-आदिकाल (Beginning Era) Revision (Page 7 of 15)

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विद्यापति और उनकी पदावली

  • विद्यापति का जन्म 1350 ई. में बिहार के दरभंगा जिले के विसपी नामक ग्राम में हुआ। विद्यापति दव्ारा रचित पदावली के अतिरिक्त उनके 12 ग्रंथ और मिलते है। जो निम्नलिखित हैं।

Vidhyapati & their Proses

Vidhyapati & their Proses

गिनती

ग्रंथ

1

कीर्तिलता,

2

कीर्तिपताका

3

गौरक्षा

4

भूपरिक्रमा

5

पुरुष परीक्षा

6

लिखनवाली

7

शैव सर्वस्वसार

8

शैव सर्वस्वसार प्रमाणभूत पुराण संग्रह,

9

गंगावाक्यावली

10

विभागसार,

11

दानवाक्यावली

12

दुर्गाभक्ति तरंगिणी।

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आरंभिक गद्य तथा लौकिक साहित्य

गद्य साहित्य-

राउलबेल-कवि रोड़उ (11वीं शताब्दी), उक्ति व्यक्ति प्रकरण-दामोदर शर्मा (1154 ई. वर्ण रत्नाकार-ज्योतिरीश्वर ठाकुर (1400 ई. )

लौकिक साहित्य

आदिकाल में पूर्वोक्त प्रमुख प्रवृत्तियों के अलावा स्वच्छंद रूप में लौकिक विषयों पर ग्रंथ लिखने की प्रवृत्ति भी मिलती हे। यहाँ हम आदिकाल में उपलब्ध सभी लौकिक काव्यों का परिचय देकर इस स्वच्छधारा की प्रवृत्तियों को स्पष्ट करने का प्रयास करेंगे।

ढोला-मारू रा दूहा-

11वीं शताब्दी में रचित यह एक लोकभाषा-काव्य है। ’दूहा घणां पुराणां अछइ’ पंक्ति

… (7272 more words) …

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