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हिन्दी के प्रमुख साहित्यिक केन्द्र व संस्थाएँ

  • रॉयल एशियाटिक सोसाइटी, कलकत्ता-संस्थापक विलियम जोन्स। पृथ्वीरास रासों तथा ग्रियर्सन कृत इतिहास ग्रंथ का प्रकाशन।
  • फोर्ट विलियम कॉलेज, कलकत्ता-सन्‌ 1799 में स्थापना हुई। गिलक्रिस्ट हिन्दुस्तानी के अध्यापक जिनका अनेक हिन्दी पुस्तकों के निर्माण में सहयोग रहा है।
  • आर्यसमाज- स्वामी दयानंद दव्ारा स्थापना सन्‌ 1875 में हुई। सत्यार्थ प्रकाश की रचना तथा हिन्दी के प्रचार-प्रसार में योगदान।
  • नागरी प्रचारिणी सभा, काशी-सन्‌ 1897 की स्थापना हुई। हिन्दी के शब्दकोश तथा हिन्दी साहित्य के इतिहास का निर्माण तथा हिन्दी में अनेक पुस्तकों का प्रकाशन।
  • हिन्दी साहित्य सम्मेलन, प्रयाग- नागरी प्रचारिणी के सहयोग से 1910 में स्थापना हुई। विशेषत: अहिन्दी… (13 more words) …

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रासो संबंधी विवाद: प्रमाणिकता और अप्रमाणिकता

पृथ्वीराज रासो की प्रमाणिकता और अप्रमाणिकता को लेकर हिन्दी समालोचक दो दलों में विभक्त हैं। कुछ विदव्ानों ने इसे प्रमाणिक माना है और कुछ ने अप्रमाणिक। इसी ग्रंथ के अंत साक्ष्य के आधार पर, इसमें दी हुई तिथियों, घटनाओं तथा नामों के आधार पर कई विदव्ानों ने इसकी प्रमाणिकता पर संदेह व्यक्त किया है। सामान्यत: इसकी प्रमाणिकता और अप्रमाणिकता को लेकर विदव्ान चार खेमों में विभक्त हैं-

  • कविराज श्यामलाल, गौरीशंकर हीराचन्द ओझा, डॉ. वूलर, मुंशी देवीप्रसाद, अमृतलाल शील, रामचन्द्र शुक्ल, डॉ. रामकुमार वर्मा आदि विदव्ान चन्द के अस्तित्व तथा उसे पृथ्वीराज चौहान के समकालीन होने को नहीं मानते।
  • डॉ. श्यामसुन्दर… (102 more words) …

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