Subscribe now to access pointwise, categorized & easy to understand notes on 483 key topics of CBSE-NET (UGC) Hindi Literature (Paper-II & Paper-III) covering entire 2017 syllabus. All the updates for one year are also included. View Features or choose a topic to view more samples.

Rs. 450.00 or

जैन साहित्य

  • जिस प्रकार हिन्दी के पूर्वी क्षेत्र में सिद्धों ने बौद्ध धर्म के वज्रयान मत का प्रचार हिन्दी-कविता के माध्यम से किया, उसी प्रकार पश्चिमी क्षेत्र में जैन साधुओं ने भी अपने मत का प्रचार हिन्दी-कविता के माध्यम से किया इन कवियों की रचनाएं आचार, रास, फागु, चरित आदि विभिन्न शैलियों में मिलती हैं। आचार-शैली के जैन-कवियों में घटनाओं के स्थान पर उपदेशात्मकता को प्रधानता दी गयी है। फागु और चरित-काव्य… (1293 more words) …

Subscribe & login to view complete study material.

हिन्दी के विकास-क्रम का रूप

  • वैदिक संस्कृत (भारत यूरोपीय कुल के आर्य परिवार की भाषा 1500 ई. पूर्व से पहले)
Understadning the various types of Hindi Language

Understadning the Various Types of Hindi Language

Understadning the various types of Hindi Language

  • हिन्दी 1000 ई. तक अपना स्वरूप ग्रहण कर चुकी थी।

हास्य मिश्रित रासो ग्रंथ

रासो काव्यपरम्परा में हास्य मिश्रित रासो ग्रंथों को भी नहीं भुलाया जा सकता हे। इस वर्ग में आने वाले ग्रंथों में मकाड़ रासों, ऊँदर रासो, खीचड़ रासो और गोधा रासो आदि है। ये सभी रासों ग्रंथ डिंगल भाषा में रचित हैं।

पिंगल या बृजभाषा के रासो ग्रंथ

डिंगल के रासो ग्रंथों की जो परम्परा मिलती है, वैसी ही परम्परा पिंगल के ग्रंथों में भी मिलती है।

पिंगल या ब्रजभाषा में… (957 more words) …

Subscribe & login to view complete study material.

f Page
Sign In