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आदिकाल - वर्गों में विभाजित

आदिकाल की पूर्वोक्त सामग्री को अध्ययन की सुविधा के लिए निम्नांकित वर्गों में विभाजित किया जा सकता है

Divisions of Aadikaal

How to divide Aadikal period

गिनती

साहित्य

1

सिद्ध-साहित्य

2

जैन-साहित्य

3

नाथ-साहित्य

4

रासो-साहित्य

5

लौकिक साहित्य

6

गद्य-रचनाएं

  • सिद्ध-साहित्य-के अंतर्गत चौरासी सिद्धों की वे साहित्यिक रचनाएं आती हैं जो तत्कालीन लोक-भाषा हिन्दी में लिखी गयी हैं। सरहपा, लुइपा, विरूपा, कण्डपा, कुक्कुरिपा, तांतिपा आदि सिद्धों की कई रचनाएं इस कोटि में आती हैं ।
  • जैन-साहित्य-इसके अतंर्गत वे हिन्दी रचनाएं सम्मिलित हैं, जिनमें जैन धर्म की कथाओं, दार्शनिक मंतव्यों या उपदेशों को आधार बनाया गया है। श्रावकाचार,… (191 more words) …

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अमीर खुसरों की हिन्दी कविता

अमीर खुसरों (1253 - 1325 ई. ) को हिन्दवी अथात्‌ खड़ी बोली का प्रथम कवि माना जाता है। वस्तुत: वे अरबी-फारसी के कवि थे किन्तु हिन्दी के प्रति भी उन्हें स्नेह था। इनका वास्तविक नाम अब्दुल हसन था। उनका जन्म एटा जिले के पटियाली गाँव में हुआ था। वे निजामुद्दीन औलिया के शिष्य थे।

अमीर खुसरों ने पहलियों, मुकरियों, दो सुखने तथा ढकोसलों आदि की रचना की है। उन्होंने ’खालिकबारी’ नाम से फारसी हिन्दी कोश भी लिखा है।

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