CBSE-NET (Based on NTA-UGC) Hindi Literature (Paper-II) हिन्दी भाषा और उसका विकास और साहित्य (Hindi & Its Development)-खड़ी बोली (Local Language) Revision (Page 1 of 5)

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हिन्दी की बोलियां-वर्गीकरण तथा क्षेत्र

Title: हिन्दी की बोलियां-वर्गीकरण तथा क्षेत्र

हिन्दी भाषा का भौगोलिक विस्तार काफी दूर-दूर तक है जिसे तीन क्षेत्रों में विभक्त किया जा सकता है।

  • हिन्दी क्षेत्र -हिन्दी क्षेत्र में हरयािणा, राजस्थान, मध्यप्रदेश, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश तथा बिहार आते हैं।
  • अन्य भाषा क्षेत्र- इनमें कनार्टक तथा आंध्र के दक्खिनी हिन्दी वाले एवं कलकत्ता, बम्बई तथा अहमदाबाद आदि भारत के अहिन्दी भाषी क्षेत्र के बड़े नगरों के बिखरे हुए कुछ हिन्दी भाषी छोटे-छोटे क्षेत्र आते है।
  • भारतेतर क्षेत्र- भारत के

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हिन्दी बोलियां

हिन्दी भाषा की कतिपय पुस्तकों में बोली को उपभाषा कह दिया गया है। उपभाषाएं निम्नलिखित हैं-

1 राजस्थानी उपभाषा

  • मारवाड़ी-इसमें राजस्थानी उपभाषा का अधिकांश साहित्य मिलता है। यह राजस्थानी की प्रमुख बोली है। इस बोली का क्षेत्र जोधपुर, अजमेर, किशनगढ़, मेवाड़, जैसलमेर व बीकानेर के मध्य अव्यस्थित है।
  • मेवाती- इसे उत्तरी राजस्थानी भी कहा जाता है। यह बोली राजस्थान के मेवात क्षेत्र में बोली जाती है।
  • जयपुरी- यह बोली जयपुर व अजमेर में बोली जाती है। इस बोली का नाम ढूढाणी भी है।
  • मालवी- यह मालवा क्षेत्र

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