Subscribe now to access pointwise, categorized & easy to understand notes on 365 key topics of CBSE-NET (UGC) Hindi Literature (Paper-II & Paper-III) covering entire 2016 syllabus. All the updates for one year are also included. View Features or .

Rs. 400.00 or

बोलियां

बोलियां- ऐसे तो ’प्राकृत-सर्वस्व’ नामक ग्रंथ में अपभ्रंश भाषा के 27 भेद बताएं गए हैं। किन्तु मुख्य अपभ्रंश केकय, टक्क, ब्राचड़, शौरसेनी, माहराष्ट्री, अर्धमागधी या मागधी मानी जा सकती है। जिनके स्थान वे ही थे जिनका वर्णन प्राकृतों के प्रसंग में हो चुका है। अलग-अलग मत के अनुसार कुछ लोगों के बोलियों के सबंध में अलग -अलग भेद हैं जो निम्न हैं-

  • डॉ. याकोबी ने अपभ्रंश के चार भेद, तगारे ने तीन भेद तथा नामवर सिंह ने दो भेद किए हैं, किन्तु ये भेद साहित्य में प्रयुक्त भाषा के आधार पर किए गए हैं। प्राकृत और आधुनिक भारतीय भाषाओं के… (177 more words) …

Subscribe & login to view complete study material.

Sign In