CBSE-NET (Based on NTA-UGC) Hindi Literature (Paper-II) हिन्दी भाषा और उसका विकास और साहित्य (Hindi & Its Development)-हिन्दी प्रसार आंदोलन (Hindi Spreading Movement) Revision (Page 6 of 20)

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प्रचार-प्रसार

  • राष्ट्रभाषा के प्रचार-प्रसार में सक्रिय योगदान देने वालों में पंडित मदन माहन मालवीय, बाल गंगाधर तिलक, लाला लाजपतराय, राजा राममोहन, महात्मा गांधी, राजेन्दं प्रसाद, काका कालेलकर, पुरुषोत्तम दास टंडन, सेठ गोविन्ददास का नाम लिया जा सकता है। इन सभी नेताओं ने हिन्दी को जनता के संपर्क का माध्यम बनाया तथा अपने भाषण हिन्दी में दिए। महात्मा गांधी का मत है कि हिन्दी ही भारत की राष्ट्रभाषा हो सकती है, क्योंकि यह जन-जन की भाषा है। गांधी जी की प्रेरणा से 1925 के कानपुर कांग्रेस अधिवेशन में यह प्रस

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आधुनिकता

हिन्दी साहित्य का पिछला दशक (1860 - 70 ई. ) आधुनिकता से विशेष प्रभावित है। आधुनिक और आधुनिकता में अंतर है। ’आधुनिक’ ’मध्यकालीन’ से अलग होने की सुचना देता है। ’आधुनिक’ वैज्ञानिक आविष्कारों और औद्योगीकरण का ही परिणाम है जबकि ’आधुनिकता’ औद्योगीकरण की अतिशयता, महानगरीय एकरसता, दो महायुद्धों की विभीषिका का फल हैं। वस्तुत: नवीन ज्ञान-विज्ञान, तकनीकी के परिणामस्वरूप उत्पन्न विषम मानवीय स्थितियों के नये, और अमिथकीय साक्षत्कार का नाम ’आधुनिकता’ है।

  • अन्य-परिभाषा-एक समय तक इहलौकिक होकर, आधुनिक

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