CBSE-NET (Based on NTA-UGC) Hindi Literature (Paper-II) हिन्दी भाषा और उसका विकास और साहित्य (Hindi & Its Development)-हिन्दी प्रसार आंदोलन (Hindi Spreading Movement) Revision (Page 1 of 20)

Subscribe now to access pointwise, categorized & easy to understand notes on 483 key topics of CBSE-NET (Based on NTA-UGC) Hindi Literature (Paper-II) covering entire 2018 syllabus. All the updates for one year are also included. View Features or choose a topic to view more samples.

Rs. 450.00 or

हिन्दी प्रसार के आंदोलन

  • ब्रिटिश काल में हुए अधिकतर आंदोलन भारतीय समाज की रूढ़ियों पर प्रहार करने के लिए हुए थे। लेकिन सभी आंदोलन के प्रणेता इस विषय पर एकमत थे कि समाज की उन्नति शिक्षा से संभव है और शिक्षा का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए भाषा का अधिक से अधिक प्रसार हो। लिहाजा ब्रिटिश काल में शुरू हुई भाषा की संरचना ने इसी काल के अंत तक आधुनिक रूप ले लिया। इससे भाषाओं और बोलियों में हिंदी का सर्वाधिक समृद्ध रूप निखरकर सामने आया हैं।
  • आधुनिक हिन्दी भाषा एक समृद्ध भाषा के रूप में प्रतिष्ठित हैं, उसमें प्रचुर मात्रा

… (2042 more words) …

Subscribe & login to view complete study material.

ब्रह्यसमाज

आधुनिक भारत की नींव का पहले राजा राममोहन राय ने रखी। उन्होंने (1722 - 1833) सन्‌ 1828 में ब्रह्यसमाज की स्थापना की थी। अरबी और फारसी का उन्हें बहुत अधिक ज्ञान था। अरबी अनुवाद के दव्ारा वे अफलातुन, अरस्तु आदि प्राचीन यूनानी विचारकों से परिचित हुए। बनारस जाकर कुछ वर्षों तक गीता, उपनिषद् आदि का भी गहन अध्ययन किया था। राममोहन राय की विचार धारा पर इस्लामी एकेश्वरवाद का भी स्पष्ट प्रभाव देखा जा सकता है। ईसाई धर्म से भी वे प्रभावित थे। यह समस्त विचारधाराएं उन्हें पुराने औपनिषदिक दर्शन में म

… (3784 more words) …

Subscribe & login to view complete study material.

f Page
Sign In