CBSE-NET (Based on NTA-UGC) Hindi Literature (Paper-II) हिन्दी साहित्य की गद्य विधाएँ (Hindi Prose Literature Vidhaaa)-हिन्दी कहानी (Story Hindi) Revision (Page 4 of 5)

Subscribe now to access pointwise, categorized & easy to understand notes on 483 key topics of CBSE-NET (Based on NTA-UGC) Hindi Literature (Paper-II) covering entire 2018 syllabus. All the updates for one year are also included. View Features or choose a topic to view more samples.

Rs. 450.00 or

आंचलिक कहानियाँ

  • विषय-सन्‌ 60 - 65 के बाद लिखी गई कहानियाँ आज की विषमता और निर्ममता का दिग्दर्शन कराती हैं। स्वतंत्र भारत में व्याप्त भ्रष्टाचार, स्वार्थपरायणता, विसंगतियाँ, बेकारी इन कहानियों का विषय है।
  • कहानीकार-पूर्व साठोत्तरी काल में देश के अनेक अंचलों को लेकर, उनके समाज, संस्कृति, अर्थ, राजनीति के परिमित दायरों को रंगीन बनाने वाले कहानीकार हुए। अंचल विशेष को उसके पूरे परिवेश को कहानी में उतारा गया। उस अंचल की बोली, वेशभूषा, लोकगीत मिथक और मुहावरों के प्रयोग से स्वाभाविकता लाई गई। फणीश्वरनाथ रेण

… (2008 more words) …

Subscribe & login to view complete study material.

अकहानी

अकहानी

  • अकहानी का उदय-वर्ष 1960 तक आते-आते कहानी की तीव्रता खो गई। साठोत्तरी काल में अकहानी का आंदोलन चला। यह आंदोलन पश्चिम के ’एण्टी स्टोरी’ (विपरीत कहानी) आंदोलन से प्रभावित रहा। इस समय के कहानीकारों ने नई कहानी को यांत्रिक अनुभव कहा और यह माना कि इन कहानीकारों का अनुभव दृष्टिहीन है। नई कहानी को स्वीकार न करके अब उन्होंने अकहानी का स्वर ऊंचा किया। अकहानी से उनका मतलब यह है कि इस कहानी में वे सारी विशेषताएँ छोड़ दी गई हैं जो अब तक कहानी में थीं। वैसे तो अकहानी भी कहानी है पर वह अपने स

… (2527 more words) …

Subscribe & login to view complete study material.

f Page
Sign In