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आंचलिक कहानियाँ

  • विषय-सन्‌ 60 - 65 के बाद लिखी गई कहानियाँ आज की विषमता और निर्ममता का दिग्दर्शन कराती हैं। स्वतंत्र भारत में व्याप्त भ्रष्टाचार, स्वार्थपरायणता, विसंगतियाँ, बेकारी इन कहानियों का विषय है।
  • कहानीकार-पूर्व साठोत्तरी काल में देश के अनेक अंचलों को लेकर, उनके समाज, संस्कृति, अर्थ, राजनीति के परिमित दायरों को रंगीन बनाने वाले कहानीकार हुए। अंचल विशेष को उसके पूरे परिवेश को कहानी में उतारा गया। उस अंचल… (255 more words) …

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प्रेमचंद युगीन कहानी साहित्य की प्रमुख प्रवृत्तियाँ

  • प्रेमचंद युग कहानी कला के उत्कर्ष का काल है। जैनेन्द्र, जयशंकर प्रसाद, सुदर्शन, विश्वंभरनाथ शर्मा कौशिक, अज्ञेय, जोशी, यशपाल, आदि प्रेमचंद युगीन कहानीकारों की कोटि में आते हैं।
  • प्रेमचंद युगीन कहानीकारों में कहानी की रचना समाज को ध्यान मेें रखकर की है। यानी कहानी का संबंध समाज से जोड़ा गया हैं।
  • इस काल के कहानीकारों ने महात्मा गांधी के प्रभाव से प्रभावित होकर सत्य अहिंसा, मानव प्रेम, स्वदेश प्रेम आदि… (152 more words) …

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