CBSE-NET (Based on NTA-UGC) Hindi Literature (Paper-II) हिन्दी साहित्य की गद्य विधाएँ (Hindi Prose Literature Vidhaaa)-हिन्दी कहानी (Story Hindi) Revision (Page 1 of 5)

Subscribe now to access pointwise, categorized & easy to understand notes on 483 key topics of CBSE-NET (Based on NTA-UGC) Hindi Literature (Paper-II) covering entire 2018 syllabus. All the updates for one year are also included. View Features or choose a topic to view more samples.

Rs. 450.00 or

हिन्दी कहानी साहित्य

  • हिन्दी की कहानी भी आधुनिक युग की देन है। वैसे तो भारतीय समाज में कहानी परंपरा वेद उपनिषद तक जाती है। बौद्ध जातकों में भी अनेक कहानियाँ मिलती हैं। मध्ययुग में फारसी प्रभाव से युक्त कुछ कहानियाँ लिखी हुई हैं। आधुनिक युग इंशा अल्ला खां की ’रानी केतकी की कहानी’ को हिन्दी की प्रथम मौलिक कहानी मानने वालों की भी कमी रही। किन्तु कथावस्तु के अलावा उसमें कहानी का कोई भी तत्व विद्यमान नहीं है। साथ ही उस पर मध्यकालीन किस्सागोई की छाप है।

  • राजा शिवप्रसाद सितारेहिन्द की उपदेश प्रधान कहानी ’राजा

… (2659 more words) …

Subscribe & login to view complete study material.

पूर्व प्रेमचंद काल वर्ष 1900 से 1927 तक

  • हिन्दी में कहानी का उद्भव कुछ विलम्ब से हुआ है। भारतेन्दु युग मेें कहानी के नाम पर जो कुछ लिखा गया उसमें कोई विशेषता नहीं है और न उसे कहानी के नाम से अभिहित किया जा सकता है। कहानी का उद्भव दव्वेदी-युग में ही होता है। एक प्रकार से ’सरस्वती’ पत्रिका के प्रकाशन (1900) के साथ कहानी के आविर्भाव को जोड़ा जा सकता है।

  • प्रेमचंद की कहानियाँ- किशोरीलाल गोस्वामी ने ’इन्दुमती’ (1900), माधव प्रसाद मिश्र ने ’मन की चंचलता (1900), लाला भगवानदीन ने ’प्लेग की चुडैली’ (1902), रामचन्द्र शुक्ल की ’ग्या

… (1145 more words) …

Subscribe & login to view complete study material.

f Page
Sign In