CBSE-NET (Based on NTA-UGC) Hindi Literature (Paper-II) हिन्दी साहित्य की गद्य विधाएँ (Hindi Prose Literature Vidhaaa)-हिन्दी की अन्य गद्य विधाएँ (Hindi Prose Vidhaaa) Revision (Page 1 of 5)

Subscribe now to access pointwise, categorized & easy to understand notes on 483 key topics of CBSE-NET (Based on NTA-UGC) Hindi Literature (Paper-II) covering entire 2018 syllabus. All the updates for one year are also included. View Features or choose a topic to view more samples.

Rs. 450.00 or

रेखाचित्र साहित्य

  • रेखाचित्र में व्यक्ति, घटना, स्थान तथा दृश्य की कम से कम समय मेें अधिकाधिक अभिव्यक्ति की जाती हैं। रेखाचित्र आधुनिक गद्य की विकसित विधाओं में एक चर्चित विधा हैं। यह कहानी से मिलती-जुलती गद्य विधा है। इसे अंग्रेजी में स्कैच (रेखाएँ) शब्द की छवि गढ़ा गया है। रेखाचित्र में कम-से कम शब्दों में तथ्य को उभारा जाता है। इसमें शब्द ही रेखाओं का काम करते हैं इसलिए रेखाचित्र शब्दचित्र होता हैं। उसमें कलात्मकता का संस्पर्श रहता है। इसका अर्थ यह है कि रेखाचित्र में साहित्यकार और कलाकार का व्यापक

… (2195 more words) …

Subscribe & login to view complete study material.

रेखाचित्र विधा का विकास

रेखाचित्र की विधा का आरंभ पत्र-पत्रिकाओं दव्ारा हुआ माना जाता है। इसका आरंभ सामान्य से वर्ष 1924 में स्वीकृत किया जाता है। विशाल भारत माधुरी, हंस, सरस्वती आदि भूमिकाओं ने इनके विकास में सहायता पहुंचाई है। यहाँ पर प्रमुख रेखाचित्रकारों और उनके प्रसिद्ध रेखाचित्रों का संक्षिप्त परिचय प्रस्तुत है।

  • पदम सिंह शर्मा विदव्ानों ने आचार्य पद्म सिंह शर्मा को हिन्दी का प्रथम रेखाचित्रकार माना है। इनके रेखाचित्रों का संग्रह पद्म पराग के पद 1924 हेैं। यों तो इसमें 9 रेखाचित्र हैं पर उनमें महाकवि अ

… (2219 more words) …

Subscribe & login to view complete study material.

f Page
Sign In