CBSE-NET (Based on NTA-UGC) Hindi Literature (Paper-II) हिन्दी साहित्य की गद्य विधाएँ (Hindi Prose Literature Vidhaaa)-हिन्दी उपन्यास (Hindi Novel) Revision (Page 2 of 6)

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दव्वेदी युग

इस युग में उपन्यास ने कोई दिशा ग्रहण नहीं की। वस्तुत: इस युग में भी उन्हीं उपन्यासकारों का कृतित्व उजागर रहा जो भारतेन्दु युग में उपन्यास के आविर्भाव में सहायक हुए थे। भारतेन्दु-युग में देवकीनन्दन खत्री ने तिलिस्मी-ऐय्यारी उपन्यासों की नींव डाली थी। इस काल में अन्य उपन्यासकारों ने भी उन्हीं की परंपरा का अनुसरण किया। कुछ प्रमुख उपन्यासकार निम्न हैं-

  • हरिकृष्ण जौहर-इन लेखकों में हरिकृष्ण जौहर उल्लेखनीय हैं। उन्होंने ’मयंक मोहनी या माया महल’, कमल कुमारी, भयानक खून, निराला नकाबपोश आदि उपन

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प्रेमचन्द युग

  • शताब्दियाँ बीत जाने के बाद आज भी जब संस्कृत कवियों की गणना की जाती है तो कालिदास का ही नाम गिनती में आता है। इसी प्रकार हिन्दी उपन्यासकारों की गणना करते समय निस्संदेह प्रेमचन्द्र का नाम सर्वप्रथम लिखा जाता है। युग प्रर्वतक उपन्यासकार प्रेमचन्द्र ने उपन्यास को जनजीवन के साथ जोड़ दिया।
  • इस युग में हिन्दी उपन्यास ने बंगला उपन्यास से प्रेरणा ग्रहण की। इसी दृष्टि से अंग्रेजी और बंगला के कई उपन्यास हिन्दी में अनुदित हुए। रवीन्द्र और रमेशचंद दत्त के उपन्यासों को छोड़कर अधिकांश अनुवाद रहस्य-रो

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