CBSE-NET (Based on NTA-UGC) Hindi Literature (Paper-II) हिन्दी साहित्य की गद्य विधाएँ (Hindi Prose Literature Vidhaaa)-हिन्दी निबंध (Hindi Essay) Revision (Page 3 of 4)

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शुक्लोत्तर युग

शुक्लोत्तर युग

इस के युग के प्रमुख निबंधकार- हजारी प्रसाद दव्वेदी, रामविलास शर्मा, भगवती चरण वर्मा, देवेंद्र सत्यार्थी, भदंत आनंद कौसल्यायन, यशपाल, रामधारी सिंह दिनकर, विनयमोहन शर्मा, अज्ञेय, शिवदान सिंह चौहान, सियाराम शरण गुप्त, प्रभाकर माचवे, धर्मवीर भारती, इंद्रनाथ मदान, रांगेय राघव, कुबरेनाथ, कन्हैलाल मिश्र प्रभाकर, विद्यानिवास मिश्र, डॉ. नगेन्द्र, संसार चंद्र विजयेंद्र स्नातक, नामवर सिंह, सत्यदेव परिव्राजक, आचार्य नंद दुलारे वाजपेयी, प्रकाश गुप्त, आदि। यहाँ कुछ निबंधकारों संक्षे

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अन्य में छायावादोत्तर हिन्दी निबंध

रामचंद्र शुक्ल ने हिन्दी निबंध को वैशिष्ट्‌य प्रदान की। शुक्लोत्तर-काल में समीक्षात्मक निबंध ही अधिक लिखे जाते रहे हैं किन्तु निजी अनुभूतियों और भावना की अभिव्यक्ति भी अनेक निबंधकारों ने की है।

  • ललित निबंधों का उदय- आजकल साहित्यिक निबंधों के अलावा ललित निबंधें का विशेष स्थान है। वे लोकप्रियता प्राप्त कर रहे हैं। इनमें रोचकता के साथ विषय-वृत्त का विस्तार पाया जाता है। ललित निबंध में कल्पना शीलता और भाव प्रवणता के अलावा विषय पर पूर्णज्ञान अपेक्षित होता है।
  • ललित निबंधकार-इनमें भी हजारी

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