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शुक्ल युग

शुक्ल युग

प्रमुख निबंधकार-आचार्य रामचंद्र शुक्ल, बाबू गुलाब राय, प्रेमचंद, पदुमलाल पमन्नालाल बख्शी, वियोगी हरि, माखनलाल चतुर्वेदी, निराला, नंद दुलारे वाजपेयी, हजारी प्रसाद दव्वेदी, वासुदेव शरण अग्रवाल, इलाचंद्र जोशी, शांतिप्रिय दव्वेदी, जयशंकर प्रसाद, जैनेन्द्र, विजयेन्द्र स्नातक, रायकृष्णदास आदि। यहाँ कुछ शुक्ल युग के निबंधकारों का संक्षिप्त विवरण दिया जा रहा हैं, जो निम्न हैं-

  • आचार्य रामचंद्र शुक्ल- का मत है कि यदि गद्य कवियों की कसौटी है तो निबंध गद्य की कसौटी है।
  • शुक्ल जी ने निबंधों के अभाव को महसूस करते हुए चिंतामणि में लिखा है। ’ऐसे प्रकृत निबंध जिनमें विचार-प्रवाह के बीच लेखक के व्यक्तिगत वाग्वैचित्र्य… (622 more words) …

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भारतेन्दु युग

भारतेन्दु युग

प्रमुख निबंधकार-

  • उस समय के प्रमुख निबंधकारों में बालकृष्ण भट्‌ट, प्रताप नारायण मिश्र, बदरी नारायण चौधरी ’प्रेमधन’, लाला श्रीनिवासदास, राधा चरण गोस्वामी, अम्बिका दत्त व्यास, ज्वाला प्रसाद, तोताराम हैं। यहाँ पर कुछ भारतेन्दु युग के निबंधकारों का संक्षिप्त विवरण दिया जा रहा हैं-जो निम्न प्रकार से हैं

भारतेन्दु हरिश्चन्द-

  • राष्ट्रीय जागरण के साथ देश में सांस्कृतिक और राजनीतिक चेतना का विकास हुआ। समाज में अंधविश्वास, मिथ्या परंपराएँ आदि अनेक कुरीतियाँ विद्यमान थीं। जिनका भारतेन्दु जी ने जोरदार विरोध किया। सामाजिक सुधार तथा सांस्कृतिक चेतना का विकास भारतेन्दु युग के साहित्यकार का दायित्व था। इस युग के साहित्यकार… (645 more words) …

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