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एकांकी नाटक

नाटक की भांति हिन्दी एकांकीय साहित्य भी आशाओं से भरा है। एकांकी पर अंग्रेजी साहित्य का बहुत प्रभाव पड़ा।

  • प्रसाद का ’एक घूँट’ एकांकी नाटकों में पहला मील का पत्थर है।
  • भुवनेश्वर प्रसाद का ’कारवां’ नामक एकांकी संग्रह प्रकाशित हुआ। यह हिन्दी का पहला एकंकी संग्रह है।
  • डॉ. रामकुमार वर्मा एक अविस्मरणीय नाम है। उन्होंने ऐतिहासिक और सामाजिक एकांकी लिखे-पृथ्वीराज की आँखे, रेशमी टाई, चारुमित्रा, सप्तकिरण, चार ऐतिहासिक एकांकी, विभूति एवं कौमुदी महोत्सव वर्मा जी के लोकप्रिया एकांकी संग्रह हैं।
  • अश्क-प्रतिभाशाली एकांकीकारों में अश्क का महत्वपूर्ण स्थान है देवताओं की छाया में, चरवाहे, तूफान से पहले, कैद और उड़ान-अश्क… (201 more words) …

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दव्वेदी युग में नाटक

  • भारतेन्दु के उपरान्त नाट्‌य-रचना के क्षेत्र में सारा उत्साह जाता रहा। वस्तुत: महावीर प्रसाद दव्वेदी का व्यक्तित्व दूसरी प्रकार का था। यद्यपि नाट्‌यशास्त्र लिखकर उन्होंने नाट्‌य-रचना को दिशा देने का प्रयत्न किया, दव्वेदी तथा उनके समकालीन लेखको ने भाषा तथा अन्य क्षेत्रों में सुधार लाने का भी प्रयत्न किया। साहित्य पर आर्यसमाज की नैतिकता और महात्मा गांधी की आदर्शवादिता का यथेष्ट प्रभाव पड़ा। अत: साहित्य में सुधारवादी दृष्टिकोण प्रधान हो गया। इस युग के लेखक साहित्य में संस्कार लाने के लिए प्रयत्नशील रहे। अत: उनकी रचना में इतिवृत्तात्मक वर्णनों की प्रधानता है और मौलिकता का अभाव है। अत: दव्वेदी युग… (498 more words) …

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