CBSE-NET (Based on NTA-UGC) Hindi Literature (Paper-II) हिन्दी साहित्य की गद्य विधाएँ (Hindi Prose Literature Vidhaaa)-हिन्दी नाटक (Hindi Drama) Revision (Page 4 of 5)

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एकांकी नाटक

नाटक की भांति हिन्दी एकांकीय साहित्य भी आशाओं से भरा है। एकांकी पर अंग्रेजी साहित्य का बहुत प्रभाव पड़ा।

  • प्रसाद का ’एक घूँट’ एकांकी नाटकों में पहला मील का पत्थर है।
  • भुवनेश्वर प्रसाद का ’कारवां’ नामक एकांकी संग्रह प्रकाशित हुआ। यह हिन्दी का पहला एकंकी संग्रह है।
  • डॉ. रामकुमार वर्मा एक अविस्मरणीय नाम है। उन्होंने ऐतिहासिक और सामाजिक एकांकी लिखे-पृथ्वीराज की आँखे, रेशमी टाई, चारुमित्रा, सप्तकिरण, चार ऐतिहासिक एकांकी, विभूति एवं कौमुदी महोत्सव वर्मा जी के लोकप्रिया एकांकी संग्रह हैं।

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गीति नाट्‌य

इसी समय हिन्दी गीति नाट्‌य की ओर अभिरूचि बढ़ी। यह आज के युग के अनुरूप है। गीति नाट्‌य वास्तव में काव्य और नाटक का मिला-जुला रूप हैं। इसमें बौद्धिकता प्रधान गद्य नाटकों की नीरसता और शुष्कता का अभाव है। वास्तव में गद्य के माध्यम से मानव की रागात्मक प्रवृत्ति की अभिव्यक्ति संभव नहीं। जीवन के गंभीर सत्य को व्यक्त करने के लिए नाटक के साथ काव्य का समावेश अपेक्षित है। संगीत और नृत्य गीति नाट्‌य को लोकप्रियता की सीमा तक पहुँचाने में सहायक हुआ। भारत में आरंभ से ही नाटकों में काव्य और संगीत की

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