IAS (Admin.) IAS Mains GS Paper 1 in Hindi (Geography, Art & Culture, and History) Indian Heritage and Culture-Literature Study Material (Page 17 of 21)

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दार्शनिक प्रवृत्तियाँ: वल्लभाचार्य (Philosophical Tendencies: Vallabhacharya)

Editवल्लभाचार्य शुद्धादव्ैत संप्रदाय के संस्थापक माने जाते हैं। हालाँकि उनसे पहले भी इस संप्रदाय में विष्णुस्वामी आदि अन्य आचार्य हुये लेकिन वल्लभ ने इसमें सृदढ़ता प्रदान करके पुष्टिमार्ग चलाया। शुद्धादव्ैत में शुद्ध का आशय ’माया से असंबंद्ध’ से है। अत: माया से असंबंद्ध या अलिप्त ब्रह्य ही एक अदव्ैत तत्व है। केवल अदव्ैत नहीं बल्कि शुद्ध अदव्ैत है। जीव एवं जगत शुद्ध ब्रह्य का परिणाम या कार्य…

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दार्शनिक प्रवृत्तियाँ: भक्ति का दर्शन (Philosophical Tendencies: Philosophy of Devotion)

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भक्ति शब्द की व्युत्पत्ति ‘भज्‌’ धातु से हुई है, जिसका अर्थ ‘सेवा करना’ या ‘भाजना’ है। इससे आशय निकलता है पूर्ण तौर पर श्रद्धा रखते हुये अपने इष्ठ देवता के प्रति प्रेम का भाव रखना। पुराणों में भक्ति को अनुरागमय प्रेम और अमृत स्वरूप बताते हुये कहा गया है कि भक्ति के माध्यम से मनुष्य मुक्त और संतृप्त हो जाता है। भारतीय धार्मिक साहित्य में भक्ति के बीज वैदिक काल से ही…

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