IAS (Admin.) IAS Mains GS Paper 1 in Hindi (Geography, Art & Culture, and History) Indian Heritage and Culture-Literature Study Material (Page 12 of 21)

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दार्शनिक प्रवृत्तियाँ: सांख्य दर्शन (Philosophical Tendencies: Sankhyan Philosophy)

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मुनि कपिल द्वारा विरचित सांख्य दर्शन को भारत का प्राचीनतम दर्शन माना जाता है। सांख्य दर्शन का मूल ग्रंथ महर्षि कपिल का ‘तत्व -समास’ माना जाता है। सांख्य के प्रणेता के बाद इस दर्शन के आचार्यों में सर्वप्रमुख नाम ईश्वरकृष्ण और उनके रचित ग्रंथ सांख्यकारिका का है। यही सांख्यकारिक…

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दार्शनिक प्रवृत्तियाँ: योग दर्शन (Philosophical Tendencies: Yog Darshan)

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योग दर्शन का सांख्य के साथ निकटता का संबंध माना गया है। इसका कारण यह है कि यह दर्शन संसार और अन्य प्रश्नों के संदर्भ में सांख्य की दी गई व्याख्या को स्वीकार करता है। इसलिए योग दर्शन को ‘सेश्वर सांख्य या ईश्वरवादी सांख्य’ भी कहते हैं। इस दर्शन के प्रणेता महर्षि पतंजलि हैं। इस दर्शन का पहला ग्रंथ योगसूत्र या पतंजलिसूत्र है। इस पर कई भाष्य लिखे गये हैं तब भी इसका साहित्य ज्यादा विशाल नहीं है। योग शब्द के कई अर्थ स्वीकार किये गये है। सामान्य तौर पर योग का आशय संबंध वाचक होने से है लेकिन योग शास्त्र में योग का अर्थ है-समाधि, महर्षि। पतंजलि के अनुसार योग चित्तवृत्तियों का निषेध है। योग का उद्देश्य है ‘आत्मा के …

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