IAS (Admin.) IAS Mains GS Paper 1 in Hindi (Geography, Art & Culture, and History) Indian Heritage and Culture-Art Forms Study Material (Page 32 of 51)

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नृत्य: भारत के विभिन्न राज्यों में प्रचलित लोकनृत्य (Dance: Folk Dance Prevalent in Various States of India)

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  • आंध्रप्रदेश-गो-बी, भामाकलप्पम, बुर्रूकथा, वीरानाट्‌यम, बुटआमोम्मालू, टापेट्‌टा गुल्लू, लब्माडी, धीमसा, कोलट्‌टम, चिंडू, बोतालू, बाथारवम्मा और माधुरी आदि।
  • लक्षदव्ीप- लावा, परिचाकाली, कोलकाली आदि।
  • बिहार-जट-जट्‌िटन, विंदापत (विद्यापति) , जोगीडा, कठधोडवा, झिंझियाँ, पवंडिया, खोलडिन, लौन्डा, झूमर, करमा, झरनी करिया, पाईका, छेकवा आदि।
  • अंडमान-निकोबार-शूकर उत्सव या ओस्सुआरी उत्सव पर यहाँ के आदिवासी पूरी रात नृत्य करते हैं। यह पर्व परिवार के वरिष्ठ लोगों की याद में मनाते हैं।
  • सिक्किम-मारुनी, तमांग सेलो, सिंगी छाम, जो-मल-लोक, ताशी सबदो, याक नृत्य आदि।
  • अरुणाचल प्रदेश-बारछो छाम, पोनयंग, भुईयाँ, खम्पाटी वाचो।
  • छत्तीसगढ़-पंथी, सुआ, रावत, करमा, डोमकम, सरहुल, घासियाबाजा आदि।
  • गोवा- तरंगामोल, कुनबी, सामयी, जा…

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नृत्य: चौसठ कलाओं का परिचय (Dance: Introduction of Sixty-Four Arts)

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प्राचीन साहित्य में वर्णित चौंसठ कलाओं में नृत्य को भी कला के रूप में स्वीकृति दी गई है। हालांकी इनके नामों पर विभिन्न विद्वानों में मतभेद है लेकिन संख्या को लेकर ये सभी एकमत हैं। टीकाकार जयमंगल के अनुसार इन कलाओं की सूची इस प्रकार है-

  • गीत कला
  • वाद्य कला
  • नृत्य कला
  • आलेख्य कला
  • विशेषकच्छेद्य कला (मस्तक पर तिलक लगाने के लिए कागज, पत्ती आदि काटकर आकार या सांचे बनाना)
  • तण्डुल-कुसुमबलिविकार कला (देव-पूजनादि के अवसर पर तरह तरह के रंगे हुए चावल, जो आदि वस्तुओं तथा रंगबिरंगे फूलों को विविध प्राकर से सजाना)
  • पुष्पास्तरण कला
  • दशनवसनांगराग कला (दांग, वस्त्र तथा शरीर के अवयवों को रंगना)
  • मणिभूमिका-…

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