IAS (Admin.) IAS Mains GS Paper 1 in Hindi (Geography, Art & Culture, and History) Indian Heritage and Culture-Art Forms Study Material (Page 14 of 51)

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नृत्य: सत्रिया नृत्य (Dance: Dance Session)

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  • इस नृत्य शैली को संगीत नाटक अकादमी (विद्यापीठ) द्वारा 15 नवंबर, 2000 को अपने शास्त्रीय नृत्य की सूची में शामिल किया गया। इससे पहले अकादमी की तालिका में केवल सात नृत्य थे लेकिन अब असम के इस नृत्य के आने के बाद इनकी संख्या बढ़ कर आठ हो गयी है। इस नृत्य शैली को असम के 15वीं सदी के महान भक्ति संत श्रीमंत शंकरदेव ने जन्म दिया था। शंकरदेव ने इसे अंकिया नाट के सह-प्रदर्शन के लिए विकसित किया था। अंकिया नाट असम के मठों में…

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नृत्य: ओडिशी नृत्य (Dance: Odisha Dance)

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  • ओडिशा के इस नृत्य को पुरातात्त्विक साक्ष्यों के आधार पर सबसे पुराने जीवित शास्त्रीय नृत्य रूपों में से एक माना जाता है। इस परंपरा का जन्म मंदिर में नृत्य करने वाली देवदासियों के नृत्य से हुआ था। ओडिशी नृत्य का उल्लेख शिलालेखों में भी मिलता है। ब्रह्येश्वर मंदिर के शिलालेखों और कोणार्क के सूर्य मंदिर के केंद्रीय कक्ष में इसका उल्लेख मिलता है।
  • इसमें त्रिभंग पर ध्यान केंद्रित किया जाता है। त्रिभंग का आशय है शरीर को तीन भागों में बाटना यथा सिर शरीर और पैर। इस नृत्य की मुद्राएँं और अभिव्यक्तियाँं भरतनाट्‌यम से मिलती जुलती है।
  • ओडिशी नृत्य में भगवान कृष्ण के बारे में प्रचलित कथाओं के आधार पर न…

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