IAS (Admin.) IAS Mains GS Paper 1 in Hindi (Geography, Art & Culture, and History) Indian Heritage and Culture-Architecture Study Material (Page 31 of 41)

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भारतीय स्थापत्य: चंडीगढ़ (Indian Architecture: Chandigarh)

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  • पंजाब सरकार ने 1948 में पी. एलं. वर्मा की अध्यक्षता में नये नगर के लिए जमीन के चयन के लिए एक समिति का गठन किया। वर्तमान जगह का चयन करने का आधार उर्वर भूमि, जल निकासी के लिए भूमि का ढलान, जलापूर्ति, उत्तम जलवायु और प्राकृतिक सौंदर्य का ध्यान रखा गया। नये नगर के स्थापत्य का काम एक अमेरिकी कंपनी (संघ) ‘मैसर्स मायर, व्हटलेस्से एवं ग्लास’ को सौंपा गया। हालाँकि कुछ कारणों से 1951 में यह काम चार्ल्स एडुवर्ड ज्यारेत ने ली, जिन्हे कार्बूजियर के नाम से जाना जाता है, को सौंपा गया। उनके विदेशी सहयोगी वास्तुकारों में मैक्सवेल फेरी, जेन बी डू. और पियरे ज्यारेंत और भारतीय सहयोगियों में एम. एन. शर्मा. , ए. आर. प्रभावालकर, यू. ई…

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भारतीय स्थापत्य: भुवनेश्वर (Indian Architecture: Bhubaneswar)

Editदेश की स्वतंत्रता के समय ओडिशा की राजधानी कटक थी। राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री हरेकृष्ण मेहताब ने नयी राजधानी के निर्माण के लिए निकट ही बने लिंगराज मंदिर के समीप खाली विस्तृत मैदान को उपर्युक्त पाया। उन्होंने जर्मन वास्तुकार के ओट्‌टो कोनिसबर्गर और जूलियस वॉज को नये शहर का स्थापत्य बनाने के लिए आमंत्रित किया। कोनिसबर्गर ने स्थापत्य की योजना को ब्रिटिश और अमेरिकन अनुभववादियों की तरह गार्डन (बगीचा) सिटी (शहर) की तरह तैयार किया। उन्होंने शहर में स्थानीय जनसंख्या के लिए अलग इकाई और सेवा क्षेत्र विकसित किये। इस प्रत…

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