Modern Indian History-Post-Independence Consolidation and Reorganization [IAS (Admin.) IAS Mains GS Paper 1 in Hindi (Geography, Art & Culture, and History)]: Questions 1 - 5 of 5

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Question 1

Post-Independence Consolidation and Reorganization
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Appeared in Year: 2013

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उन परिस्थितियों का विश्लेषण कीजिए जिनके कारण वर्ष 1966 में ताशकंद समझौता हुआ | समझौते की विशिष्टताओं की विवेचना कीजिए |

Explanation

वर्ष 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के पश्चात् पूर्व सोवियत संघ के ताशकंद नगर में 4 से 10 जनवरी, 1966 को भारत के प्रधानमंत्री एवं पाकिस्तान के राष्ट्रपति अयूब खान ने सोवियत प्रधानमंत्री कोसिगिन की पहल पर शिखर सम्मलेन में हिस्सा लिया | भारत तथा पाकिस्तान के मध्य इस सम्मलेन में हुए समझौते को ताशकंद समझौते के नाम से जाना जाता है | इस घोषणा पत्र के अनुसा…

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Question 2

Post-Independence Consolidation and Reorganization
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Appeared in Year: 2013

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प्रादेशिकता की बढ़ती हुई भावना, पृथक राज्य की मांग का प्रमुख कारण है | विवेचना कीजिए |

Explanation

  • भारत जैसे विशाल देश के विभिन्न भागो में विभिन्न जातियों, प्रजातियों, धर्मो, भाषाओं तथा रीति-रिवाज वाले लोग रहते है और उनकी आर्थिक परिस्थितिया भी भिन्न है | ऐसी पृष्ठभूमि में प्रादेशिक चेतना का जागृत होना स्वाभाविक है | शब्द ‘प्रादेशिकता’ के दो अर्थ हैं नकारात्मक अर्थों में, यह किसी के क्षेत्र में अत्यधिक लगाव को देश या राज्य को प्राथमिकता देता है। …

Question 3

Post-Independence Consolidation and Reorganization
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राष्ट्रवाद के विकास में सहायक तत्वों की भूमिका की विवेचना कीजिए। (250 शब्दों)

Explanation

  • राष्ट्रवाद के विकास में अनेक तत्वों का योगदान परिलक्षित होता है। अंग्रेजों ने भारत में अंग्रेजी शिक्षा का प्रसार अपने उद्देश्य प्राप्ति के लिए किया था। लेकिन इस शिक्षा के प्रसार से पश्चिमी देशों के राजनीतिक विकास व चिंतन का ज्ञान भारतीयों को उपलब्ध हुआ। स्वतंत्रता, समानता एवं प्रतिनिधित्व के सिद्धांतों से प्रेरित फ्रांस व अमेरिकी क्रांतियों का ज्ञा…

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Question 4

Post-Independence Consolidation and Reorganization
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Appeared in Year: 1995

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भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना तक हुए भारतीय राष्ट्रीयता के उद्भव की रूपरेखा दीजिए। (150 शब्दों)

Explanation

  • साम्राज्यवाद-विरोधी इसे संघर्ष के दौर में एकता की जिस भावना ने जन्म लिया उससे भारतवासियों में भावनात्मक एकता पैदा हुई और इस एकता की वजह से राष्ट्रीयता का जन्म हुआ। 1885 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना से पूर्व भारत में राष्ट्रीयता का जन्म व उसका विस्तार हो चुका था। इस राष्ट्रीयता के उदय में ब्रह्य समाज, आर्य समाज, रामकृष्ण मिशन इत्यादि संस…

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Question 5

Post-Independence Consolidation and Reorganization
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Appeared in Year: 2003

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भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में नरमपंथी और चरमपंथी विभाजन के सैद्धांतिक आधार को स्पष्ट कीजिए (150 शब्दों)

Explanation

  • राजनीतिक विचारधारा, लक्ष्य एवं साधन की दृष्टि से नरमपंथी एवं गरमपंथी विचारधाराओं में प्रारंभ से ही सैद्धांतिक अंतर था जो 1907 में सूरत के विभाजन का मुख्य कारण सिद्ध हुआ। यद्यपि इन दोनों विचारधाराओं का एक ही उद्देश्य था- स्वशासन की प्राप्ति। लेकिन नरमपंथी क्रमिक राजनीतिक सुधारों के माध्यम से ब्रिटिश शासन की छत्रछाया में ही प्रतिनिध्यात्मक संसदीय संस…

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