Modern Indian History-Major Contributors [IAS (Admin.) IAS Mains GS Paper 1 in Hindi (Geography, Art & Culture, and History)]: Questions 1 - 6 of 6

Access detailed explanations (illustrated with images and videos) to 640 questions. Access all new questions- tracking exam pattern and syllabus. View the complete topic-wise distribution of questions. Unlimited Access, Unlimited Time, on Unlimited Devices!

View Sample Explanation or View Features.

Rs. 750.00 -OR-

How to register? Already Subscribed?

Question 1

Major Contributors
Edit

Appeared in Year: 2013

Describe in Detail

Essay▾

आचार्य विनोवा भावे के भूदान व ग्रामदान आंदोलनों के उद्देश्य की समालोचनात्मक विवेचन कीजिए और उसकी सफलता का आकलन कीजिए |

Explanation

  • भूदान व ग्रामदान भूमि सुधर करने , कृषि में संस्थागत परिवर्तन लेन का स्वंसेवी प्रयास था | जिसमे भूमि का पुनर्वितरण सिर्फ सरकारी कानूनों के जरिये नहीं बल्कि एक आंदोलन के जरिए करने की कोशिश थी | प्रसिद्ध गाँधीवादी रचनात्मक कार्यकर्ता आचार्य विनोवा भावे ने पचास के दशक के आरम्भ में इस आंदोलन के लिए गाँधीवादी तकनीकों एवं रचनात्मक कार्यो तथा ट्रस्टीशिप जै…

… (9 more words) …

Question 2

Major Contributors
Edit

Appeared in Year: 2013

Describe in Detail

Essay▾

स्वतंत्रता पूर्व तथा स्वतंत्रता उपरांत भारत में मौलाना अबुल कलाम आज़ाद के योगदानों की विवेचना कीजिए|

Explanation

  • भारत के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में मौलाना अबुल कलाम आज़ाद का महत्त्वपूर्ण योगदान रहा है | मलना अबुल कलाम आज़ाद भारत के उन अग्रणी राष्ट्रवादी नेताओं में से एक है जिन्होंने न केवल राष्ट्रीय स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रीय रूप से भाग लिया , बल्कि स्वतंत्रता उपरांत भी देश की एकता , स्थिरता एवं विकास में भी योगदान दिया | वे एक ऐसे राष्ट्रवादी मुस्लमान …

… (4 more words) …

Question 3

Major Contributors
Edit

Appeared in Year: 1990

Describe in Detail

Essay▾

′ प्रारंभिक भारतीय राष्ट्रीय नेतृत्व के कार्य आर्थिक राष्ट्रीयता में किस प्रकार योगदान प्रदर्शित करते हैं? (250 शब्दों)

Explanation

  • सामान्यत प्रारंभिक दौर में राष्ट्रवादियों का सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक कार्य उनका साम्राज्यवाद का आर्थिक विवेचन करना था। उन्होंने उस वक्त ब्रिटेन द्वारा भारत के आर्थिक शोषण के तीनों रूपों यथा व्यापार, उद्योग तथा वित्त को पहचान लिया था। वे यह अच्छी तरह समझ रहे थे कि ब्रिटेन की आर्थिक साम्राज्यवाद की नीति का उद्देश्य भारतीय अर्थव्यवस्था को ब्रिटिश अर्…

… (1 more words) …

Question 4

Major Contributors
Edit

Appeared in Year: 1992

Describe in Detail

Essay▾

स्वाधीनता एवं डोमिनियन पद पर जवाहर लाल नेहरू के विचारों का विश्लेषण कीजिए। लाहौर कांग्रेस में प्रतिपादित नीति में ये कहां तक प्रति-बिम्बित हुए? (150 शब्दों)

Explanation

  • दिसंबर, 1928 में मोतीलाल नेहरू की अध्यक्षता में संपन्न कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में कांग्रेस ने नेहरू रिपोर्ट (विवरण) के अंतर्गत डोमिनियन (अधिराज्य) स्टेट्‌स (राज्य) के स्वरूप की सरकार की मांग का प्रस्ताव पारित किया। जवाहर लाल नेहरू इस प्रकार की डोमिनियन राज्य से संतुष्ट नहीं थे। नेहरू पूर्ण स्वाधीनता को कांग्रेस का लक्ष्य बनाना चाहते थे। नेहरू …

Question 5

Major Contributors
Edit

Appeared in Year: 1994

Describe in Detail

Essay▾

1917 के चंपारण सत्याग्रह तक भारतीय राजनीति में हुए गांधी जी के उदभव को रेखांकित कीजिए। उनके द्वारा प्रतिपादित सत्याग्रह का आधारभूत दर्शन क्या था? (250 शब्दों)

Explanation

  • इंग्लैंड से बैरिस्टरी (बड़ा वकील) की पढ़ाई खत्म करने के बाद गांधी जी भारत आए। यहां से 1893 में अफ्रीका गए और वहां पर अपने 20 वर्ष के प्रवास के दौरान ब्रिटिश सरकार की रंगीभेद नीति के विरुद्ध लड़ाई लड़ते रहे। यहीं पर गांधी जी ने सर्वप्रथम सत्याग्रह आंदोलन चलाया। जनवरी, 1915 में वे भारत आए। यहां वे गोपाल कृष्ण गोखले के संपर्क में आए व सक्रिय राजनीति जुड़े।

… (2112 more words) …

Question 6

Major Contributors
Edit

Appeared in Year: 1990

Describe in Detail

Essay▾

1935 के अधिनियम की प्रमुख विशेषताएँ क्या थी? इस अधिनियम के प्रति जवाहरलाल नेहरू की प्रतिक्रिया क्या थी? उन्होंने 1937 के चुनाव में क्यों भाग लिया और उसका क्या परिणाम हुआ? (250 शब्दों)

Explanation

  • 1935 का अधिनियम भारतीय सांविधानिक विकास के इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इस अधिनियम को बिना प्रस्तावना के पास किया गया था। अधिनियम के अंतर्गत प्रांतों में दोहरा शासन लागू कर दिया गया। अधिनियम में एक अखिल भारतीय संघ की स्थापना की योजना रखी गई तथा प्रांतीय विधामंडलों का विस्तार व केन्द्रीय विधानमंडल की सदस्य संख्या में वृद्धि की गई। मुसलमानों …

… (5 more words) …

Developed by: