Modern Indian History-Events [IAS (Admin.) IAS Mains GS Paper 1 in Hindi (Geography, Art & Culture, and History)]: Questions 1 - 4 of 4

Access detailed explanations (illustrated with images and videos) to 640 questions. Access all new questions- tracking exam pattern and syllabus. View the complete topic-wise distribution of questions. Unlimited Access, Unlimited Time, on Unlimited Devices!

View Sample Explanation or View Features.

Rs. 750.00 -OR-

How to register? Already Subscribed?

Question 1

Edit

Appeared in Year: 1992

Describe in Detail

Essay▾

1919 तक हुए सुधारों में स्थानीय स्वायत्त शासन का एक संक्षिप्त इतिहास लिखिए। (150 शब्दों)

Explanation

  • 1858 के भारतीय परिषद अधिनियम के तहत बंबई और मद्रास के लिए कानून बनाने तथा उसमें संशोधन लाने के लिए प्रांतीय विधानसभाओं के गठन का अधिकार गवर्नरों को दिया गया। इस आधार पर बाद में बंगाल, उत्तर-पश्चिमी प्रांत और पंजाब में विधान परिषदें गठित की गई। 1870 में लार्ड मेयो ने स्थानीय स्वायत्त सरकार की स्थापना पर बल देते हुए ऐसे शिक्षा, स्वास्थ्य, सफाई, परिवह…

… (2 more words) …

Question 2

Edit

Appeared in Year: 1992

Describe in Detail

Essay▾

‘रेलवे ने भारत में वह किया जो अन्य और ने नहीं किया इसने परिवहन स्थिति के स्वरूप को बदलकर हस्तशिल्प को यांत्रिक उद्योग में बदलने की गति में शीघ्रता प्रदान की’ विवेचन कीजिए (150 शब्दों)

Explanation

  • 1853 ई. में लार्ड डलहौजी के प्रयासों के परिणामस्वरूप भारत में पहली रेल लाइन बंबई से थाने तक चालू कर दी इसके पश्चात्‌ तेजी से रेल का विकास हुआ। इससे भारत में औद्योगीकीरण की प्रक्रिया प्रारंभ हुई, लेकिन यह काम हस्तकला की कीमत पर हुआ। देशी उद्योगों का विनाश, जो परंपरागत तकनीक से निर्मित थी, विदेशी वस्तुओं से प्रतिस्पर्द्धा कर पाने में असफल थी, जो मशीन…

… (4 more words) …

Question 3

Edit

Describe in Detail

Essay▾

19वीं सदी के किसान आंंदोलनों के स्वरूप की समीक्षा प्रस्तुत कीजिए। (150 शब्दों)

Explanation

  • 19वीं सदी के किसान आंदोलनों की सबसे बड़ी ताकत किसान ही थे। इन आंदोलनों में किसानों ने अपनी मांगो के लिए सीधे लड़ना शुरू किया। इनकी ज्यादातर मांगे आर्थिक थीं, जो बागानों के विदेशी मालिकों, महाजन व जमींदारों के विरुद्ध थी। इस तरह उनके संघर्ष केवल सामाजिक उत्पीड़न के विरुद्ध ही प्रारंभ हुए थे। इन आंदोलनों का स्वरूप सीमित था। ये आंदोलन क्षेत्र विशेष तक ही…

… (2 more words) …

Question 4

Edit

Appeared in Year: 1992

Describe in Detail

Essay▾

स्वदेशी आंदोलन कहाँ तक “बायकाट” (बहिष्कार) से संबंधित था? आंदोलन में जन सहभागिता के स्वरूप का विश्लेषण कीजिए। (250 शब्दों)

Explanation

  • स्वदेशी आंदोलन बंगाल का विभाजन के विरोध में उत्पन्न हुआ था। बंगाल में बढ़ती राष्ट्रीय चेतना व राष्ट्रीय गतिविधियों को रोकने के उद्देश्य से व राष्ट्रीय आंदोलन को कमजोर करने के उद्देश्य से अंग्रेजों द्वारा बंगाल का विभाजन कर दिया गया। परिणामस्वरूप पूरे बंगाल में विरोध की लहर दौड़ गई। इसका प्रभाव धीरे-धीरे पूरे भारतवर्ष में फैल गया। आंदोलन के अंतर्गत स्…

… (5 more words) …

Developed by: