Indian Society-Social Empowerment, Communalism, Regionalism & Secularism [IAS (Admin.) IAS Mains GS Paper 1 in Hindi (Geography, Art & Culture, and History)]: Questions 8 - 14 of 14

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Question 8

Social Empowerment, Communalism, Regionalism & Secularism
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Appeared in Year: 2006

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भारत के पुनर्जागरण के मुख्य अभिलक्षणों की रूपरेखा प्रस्तुत कीजिए (250 शब्द)

Explanation

  • 19वीं शताब्दी में भारत के साामजिक-धार्मिक क्षेत्र में नवीन सुधारों का आरंभ हुआ। कुछ विद्वान इसे ही भारतीय पुनर्जागरण के नाम से अभिहित करते हैं। भारत का पुनर्जागरण सामाजिक एवं धार्मिक क्षेत्र में नवीन परिवर्तनों का वाहक था। सर्वप्रथम इसने सदियों से चली आ रही जाति व्यवस्था की कटु आलोचना की। भारत की जाति व्यवस्था वर्ण व्यवस्था का ही विकृत रूप थी। वर्ण…

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Question 9

Social Empowerment, Communalism, Regionalism & Secularism
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Appeared in Year: 2007

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19वीं शताब्दी में भारत के साामजिक-धार्मिक सुधारों का क्या स्वरूप था और इन सुधारों ने भारत में राष्ट्रीय जागरण में किस प्रकार योगदान किया था। (250 शब्द)

Explanation

  • 19वीं शताब्दी में भारत के साामजिक-धार्मिक सुधार आंदोलन पश्चिम की नवीन उदारवादी एवं मानवतावादी चेतना के साथ भारत की पुनरूत्थानवादी चेतना का मिलाजुला परिणाम था। यही कारण है कि इसका स्वरूप उदारवादी, मानवतावादी, पुनरूत्थानवादी एवं किसी हद तक उपयोगितावादी भी था।
  • ये आंदोलन अपने स्वरूप में उदारवादी थे। इसने धार्मिक-सामाजिक क्षेत्र में बदलाव को आवश्यक माना …

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Question 10

Social Empowerment, Communalism, Regionalism & Secularism
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Appeared in Year: 2000

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19वीं शताब्दी में भारत के साामजिक-धार्मिक सुधार आंदोलनों के योगदान की चर्चा कीजिए। (150 शब्दों)

Explanation

  • 19वीं सदी का भारतीय समाज पूरी तरह धार्मिक अंधविश्वासों के जाल में जकड़ा हुआ था और इसके रहते सामाजिक सुधार की कोई आशा नहीं की जा सकती थी। धार्मिक क्षेत्र में सुधारवादी आंदोलन ने मूर्तिपूजा, बहुदेववाद और पुजारियों द्वारा किए जा रहे शोषण को खत्म करने और धार्मिक कर्मकांडो के सरलीकरण के प्रयास किए। इस संघर्ष ने लोगों को धर्मभीरुता के जाल से मुक्त कराया व…

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Question 11

Social Empowerment, Communalism, Regionalism & Secularism
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Appeared in Year: 2014

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संयुक्त परिवार का जीवन चक्र सामाजिक मूल्यों के बजाए आर्थिक कारको पर निर्भर करता है। चर्चा कीजिए।

Explanation

  • मनुष्य को अपने विकास के लिए समाज की आवश्यकता हुयी। इसी आवश्यकता की पूर्ती के लिए समाज की प्रथम इकाई के रूप में परिवार का उदय हुआ। क्योंकि बिना परिवार के समाज की रचना के बारे में सोच पाना असंभव था। समुचित विकास के लिए प्रत्येक व्यक्ति को आर्थिक , शारीरिक , मानसिक सुरक्षा का वातावरण का होना नितांत आवश्यक है। परिवार में रहते हुए परिजनों के कार्यों का …

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Question 12

Social Empowerment, Communalism, Regionalism & Secularism
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Appeared in Year: 1991

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भारत में धार्मिक आंदोलन के इतिहास में थियोसोफिकल सोसायटी की भूमिका का विवेचन कीजिए। (150 शब्दों)

Explanation

  • थियोसोफिकल सोसायटी की स्थापना का उद्देश्य धर्म को आधार बनाकर समाज सेवा करना, धार्मिक एवं भाईचारे की भावना को फैलाना, प्राचीन धर्म, दर्शन एवं विज्ञान के अध्ययन में सहयोग करना था।
  • यह संस्था सभी धर्मों के महत्व को स्वीकार करती थी, किन्तु हिन्दू धर्म को यह सर्वश्रेष्ठ मानती थी। नस्ल, धर्म, भाषा, लिंग, जाति आदि के आधार पर भेदभाव को यह संस्था स्वीकार नहीं…

Question 13

Social Empowerment, Communalism, Regionalism & Secularism
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Appeared in Year: 1999

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आधुनिक भारत के निर्माण में ईश्वरचन्द्र विद्यासागर के अंशदान का आकलन कीजिए। (50 शब्दों)

Question 14

Social Empowerment, Communalism, Regionalism & Secularism
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Appeared in Year: 1995

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“स्वामी विवेकानंद को सहज ही भारतीय राष्ट्रीयता का जनक कहा जा सकता है।” स्पष्ट कीजिए (150 शब्दों)

Explanation

  • स्वामी विवेकानंद राष्ट्रीयता के पोषक थे। उन्होंने भारतवासियों में आत्मविश्वास की भावना पैदा की दुर्बलता को पाप बताया और शक्ति की पूजा का आह्‌वान किया। उन्होंने समाज में भारत के गौरवपूर्ण अतीत के प्रति गर्व की भावना जागृत की। विवेकानंद ने पूर्व एवं पश्चिम के समन्वय की बात कही। साथ ही ईसाईयत के कुप्रचार का भडांफोड़ किया और वेदांत का प्रचार करने के साथ…

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