Writing Essay (IAS Mains Compulsory-Hindi): Questions 17 - 29 of 53

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Question number: 17

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खाद्य मिलावट का खतरा

Explanation

प्रस्तावना - वर्तमान काल में धनार्जन की होड़ एवं नैतिकता का पतन इन दोनों कारणों से मिलावटी माल बनाने-बेचने का कारोबार असीमित बढ़ रहा है। खाद्य पदार्थों में मिलावट के नये-नये तरीके अपनाये जा रहे हैं और इससे जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। यद्यपि मिलावट… (442 more words) …

Passage

लोग जिन प्रकारों की भंगिमाओं अथवा हाव-भाव का प्रयोग करते हैं, उनका सम्बन्ध अन्य मनोवैज्ञानिक कारकों से जोड़ा जा सकता है। सामान्यत: व्यक्तित्व का गहन प्रभाव प्रयुक्त भंगिमाओं की संख्या और उनकी किस्मों पर पड़ता है। साथ ही, हम इन भंगिमाओं का व्यक्ति के व्यक्तित्व के प्रकार का आकलन करने में भी इस्तेमला करते हैं।

एक शोध कार्य के अनुसार ऐसी अधिकांश महिलाएँ, जो अपने घुटनों और पाँवों को जोड़कर अपनी टाँगों को आगे फैलाकर बैठती है, उनका व्यक्तित्व सफाई-पसन्द, कार्य में व्यवस्था प्रिय, योजनाएँ बनाने में रूचि रखनेवाला, बदलाव और अनिश्चितता में अरूचि रखने वाला तथा अपने जीवन को कड़ी समय-सारणी के अनुसार व्यवस्थित करने की तरजीह से जुड़ा हुआ होता है। इस तरह के एक अन्य शोध कार्य से यह पता चलता है कि सत्तावादी व्यक्तियों में असत्तावादी व्यक्तियों की तुलना में शारीरिक हावभाव का कम इस्तेमाल करने की प्रवृत्ति होती है। पितृ-विहीन बेटियाँ पिताओं वाली बेटियों की अपेक्षा अधिक संवेदनशील मुद्राओं का प्रयोग करती पाई गई है। तलाकशुदा दम्पत्तियों की बेटियाँ शरीर का आगे की ओर अपेक्षाकृत अधिक झुकाव प्रदर्शित करती है। वे अपनी बाँहों और टाँगों की अपेक्षाकृत अधिक खोल कर रखती है और लड़कियों की तुलना में जिन्होंने अपने पिताओं को पाँच वर्ष की आयु से पहले ही खो दिया है, तीन गुना से भी ज्यादा अंगचालन या हावभाव प्रदर्शित करती हैं।

एक शोधकर्त्ता ने पता लगाया है कि जब व्यक्ति शारीरिक रूप से अपंग किसी वक्ता को सुन रहे होते है तो वे सामान्यतया बहुत कम हावभाव प्रकट करते है। सम्भवत: यह इस मनोभावना के कारण होता है कि एक अपंग के प्रति व्यक्ति अपनी प्रतिक्रिया कैसे व्यक्त करें।

जहाँ तक भंगिमाओं में स्त्री-पुरूष अन्तरों का सम्बन्ध है, यह पाया गया है कि स्त्रियों के मुकाबले पुरूष अपनी बैठने की मुद्रा अधिक बदलते हैं। यदि दो साक्षात्कार लिए जाए तो दूसरे साक्षात्कार में पुरूष छोटी मुद्राएँ प्रदर्शित करते तथा अपने पाँवों को कम बदलते है। स्त्रियों के बारे में यह एकदम उल्टा है। हो सकता है कि दूसरे साक्षात्कार में पुरूष अधिक सहज अनुभव करते हों जबकि स्त्रियाँ दूसरे साक्षात्कार को पहले साक्षात्कार के मुकाबले में अधिक तनावपूर्ण पाती है।

Question number: 18 (1 of 1 Based on Passage) Show Passage

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पुरूषों और स्त्रियों द्वारा की जाने वाली भंगिमाओं में क्या-क्या अन्तर है?

Question number: 19

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Appeared in Year: 2011

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सामाजिक उन्नति का मुख्य प्रेरक कौन धर्म अथवा विज्ञान

Explanation

प्रस्तावना - भारतीय समाज में धर्म का प्रभाव प्राचीन काल से ही रहा है। वहाँ दूसरी ओर विज्ञान ने मानव जीवन को सुखद व सुगम बना दिया है। भारतीय समाज प्रारम्भ से ही धार्मिक सहिष्णु रहा है, कई विदेशी आक्रमणकारी, यहाँ लूटपाट के उद्देश्य से आए एवं कालान्तर में इनकी… (327 more words) …

Question number: 20

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Appeared in Year: 2011

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राजनीति और व्यक्तिगत नैतिकता का प्रश्न

Explanation

प्रस्तावना - स्वतंत्रता के बाद से अब तक भारत का लोकतंत्र तो निस्संदेह मजबुत हुआ है, किन्तु इसके समानान्तर राजनीति में आपराधिक प्रवृत्ति में भी वृद्धि हुई। राजनीतिक में भ्रष्टाचार दिनों-दिन बढ़ता जा रहाहै। शासन करने के लिए अपनाई गई नीति को ही राजनीति की संज्ञा दी गई है। इससे… (497 more words) …

Question number: 21

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कोई समाज बिना समयबद्ध न्याय के नहीं चल सकता

Explanation

प्रस्तावना - मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है। समाज में रहते हुए उसे समाज द्वारा बनाए गए नियमों का पालन अनिवार्य रूप से करना होता है। यदि वह ऐसा नहीं करता है तो इससे सामाजिक मूल्यों का हास तो होता ही है, साथ ही बहुत-सी सामाजिक समस्याओं को पनपने का मौका… (364 more words) …

Question number: 22

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Appeared in Year: 2012

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हमारे महानगर महिलाओं के लिए कितने सुरक्षित है?

Explanation

प्रस्तावना - हमारे समाज में महिलाएँ आज भी सुरक्षित नहीं है। महानगर क्या छोटे शहरों, कस्बों, गाँव तक में महिलाएँ सुरक्षित नहीं है। आज भी बड़े-बड़े महानगर जैसे दिल्ली, बम्बई, मद्रास (चैन्नई), कलकत्ता है, जिसमें महिलाएँ अपने को सुरक्षित नहीं समझती है। संविधान में महिलाओं की सुरक्षा के इन्तजाम के… (447 more words) …

Question number: 23

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Appeared in Year: 2008

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मनोरंजन के साधन के रूप में क्रिकेट

Explanation

प्रस्तावना - छात्रों के लिए अध्ययन जितना आवश्यक है, उतना ही खेलना भी महत्वपूर्ण है। स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है और स्वस्थ शरीर के लिए व्यायाम तथा खेल परमावश्यक है। उससे मनोरंजन के साथ-साथ मानसिक शारीरिक विकास भी होता है। खिलाड़ियों में संकल्प की दृढ़ता, संगठन… (521 more words) …

Question number: 24

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Appeared in Year: 2013

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कृत्रिम बुद्धि, मानव बुद्धि के विकल्प के रूप में

Explanation

प्रस्तावना - कृत्रिम बुद्धि जो मानव के द्वारा बनाया गया ऐ रोबोट है। मनुष्य ने विज्ञान की सहायता से अपने लिए विभिन्न प्रकार के यंत्रों का निर्माण किया है, जिसमें से एक रोबोट है। यंत्र जैसे वाशिंग मशीन, फ्रिज, कुलर, ए. सी. आदि। इसके बाद भी उसे एक ऐसे यंत्र… (505 more words) …

Passage

सौर ऊर्जा, जो समूची ऊर्जा नवीकरण का हिस्सा है, पुराने ईन्धरों पर हमारी निर्भरता कम करने का एकमात्र रास्ता है। पुराने ईन्धन कुछ समय के उपरान्त ज्यादा महंगे और विरल होने जा रहे हैं। सौर ऊर्जा का उपयोग हमारे पृथ्वी ग्रह के पर्यावरणीय संतुलन और जारी ‘ग्रीन हाउस’ प्रभाव को कम करने की एकमात्र कुंजी है। सौर ऊर्जा के उपयोगी गुणों के बावजूद अभी तक न तो इसका व्यापक पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहा है और न पुराने ईन्धन के विकल्प के रूप में इसे स्वीकृति मिल रही है। यह इसलिए भी कि इसकी प्रौद्योगिकी अपेक्षाकृत ज्यादा महंगी है। फिर भी इसकी प्रौद्योगिकी में युगान्तकारी सुधार किए जा रहा है, जो इसकी कीमतों में कमी ला रहे है और निश्चित रूप से चाहे मन्दगति से ही सही इसे एक व्यवहार्थ विकल्प बना रहे हैं। सरकार द्वारा प्रवर्तित जवाहर लाल नेहरू सौर ऊर्जा मिशन इस दिशा में एक धारणीय तथा ऊर्जा के स्वच्छ स्रोत की प्राप्ति का आदर्शवादी कदम है।

सौर ऊर्जा क्षेत्र रोजगार सृजित करने की दिशा में आशा जगाता है। यह क्षेत्र शोध और प्रौद्योगिकी नवाचार में भारी निवेश करता है तथा रोजगार की दिशा में उच्च व विशेषीकृत पद सृजित करता है।

यद्यपि विद्युत उत्पादन में भारत विश्व में छठे स्थान पर है तथापि भारत में अभी भी गहरा विद्युत संकट है। सौर ऊर्जा ही विद्युत संकट घटा सकती है। यह सम्पूर्ण पारिस्थितिकीय तंत्र का गठन करेगा और ऊर्जा के उत्पादन के क्षेत्र में मांग की बढ़ोत्तरी करेगा। आज अत्यधिक मांग वाले सौर पद सौर ऊर्जा यंत्र स्थापन और अभियांत्रिकीय परिरूप विधि के क्षेत्र में है। इस उद्योग के विकास के लिए जरूरी है कि नये कौशल की वृद्धि द्वारा उत्पादन की कीमतों में कमी कर व व्यापारान्तर कीमतों के संतुलन से कीमतों में कमी लाई जाय।

Question number: 25 (1 of 1 Based on Passage) Show Passage

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सौर ऊर्जा को सामान्य जनों की पहुँच के क्षेत्र में लाने के लिए क्या-क्या किया जा रहा है?

Question number: 26

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Appeared in Year: 2008

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राष्ट्रीय सुरक्षा पर आप्रवासन का प्रभाव

Explanation

प्रस्तावना - किसी भी देश को बाह्य आक्रमणों से सुरक्षा के लिए अपनी सामरिक शक्ति को सुदृढ़ करने की आवश्यकता होती है। भारत के पड़ौसी देश नेपाल, श्रीलंका, बांग्लादेश, म्यांमार, भूटान, चीन एवं पाकिस्तान है। पाकिस्तान एवं चीन को छोड़कर इसके सभी पड़ौसी देशों से अच्छे संबंध है। चीन दक्षिण… (484 more words) …

Question number: 27

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Appeared in Year: 2010

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क्या सूचना का अधिकार अधिनियम स्वच्छ और न्यायपूर्ण प्रशासन सुनिश्चित कर सकता है।

Explanation

प्रस्तावना - भारत एक लोकतांत्रिक देश है, जहाँ प्रत्येक नागरिक को सभी प्रकार की गतिविधियों से संबंधित सूचनाएँ जानने का अधिकार है। किनतु इसे दुर्भाग्य ही कहा जायेगा कि कुछ वर्ष पूर्व तक भारत के नागरिकों के पास ऐसी कोई कानूनी व्यवस्था नहीं थी, जिसके माध्यम से वे सरकारी कार्यालयों… (405 more words) …

Question number: 28

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Appeared in Year: 2013

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फिल्मों का मिथकीय संसार

Explanation

प्रस्तावना - सिनेमा जनसंचार एवं मनोरंजन का एक लोकप्रिय माध्यम है, जिस तरह साहित्य समाज का दर्पण होता है, उसी तरह सिनेमा भी समाज को प्रतिबिम्बित करता है। सिनेमा अर्थात् चलचित्र का आविष्कार उन्नीसवीं शताब्दी के उत्तरार्द्ध में हुआ था। भारत की पहली फिल्म ‘राजा हरिशचन्द्र’ थी। सिनेमा के निर्माण… (457 more words) …

Question number: 29

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Appeared in Year: 2012

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वन जीवों का संरक्षण और प्रबन्धन

Explanation

प्रस्तावना - जंगल में रहने वालों का संरक्षण एवं प्रबन्धन इसलिए किया गया, क्योंकि जंगल के कटते रहने से जीवों की असुरक्षा हो गई, वे जीव इधर-उधर भटकते रहते है, जीवों जीव-जन्तु, जानवर, पशु-पक्षी आदि है जो अपने आपको केवल जंगल में ही सुरक्षित समझते है। वर्तमान में जनसंख्या वृद्धि… (508 more words) …

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