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पिछड़े बालकों के लिए उपचारात्मक शिक्षण (Remedial Teaching for Backward Children)

पिछड़े बालकों का ध्यान किसी भी कार्य में बहुत कम लगता है तथा उनके विचारों में व्यापकता का अभाव रहता है। इस प्रकार के छात्रों के लिए व्यक्तिगत अनुदेशन काफी लाभदायक सिद्ध हो सकता है। ये बालक किसी आसान से कार्य को सफलतापूर्वक कर लेने पर यह अपेक्षा करते है कि दूसरे लोग उनकी प्रशंसा करें। इस दृष्टि से अध्यापक को इन बालकों में रूचि बनाए रखने के लिए एवं प्रेरणा देने के लिए अपनी अधिगम क्रियाओं को उनके सम्मुख प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करना चाहिए। ऐसे बालकों के अध्यापन को प्रभावी बनाने के लिए निम्नलिखित उपाय करने चाहिए: -… (220 more words) …

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उपचारात्मक शिक्षण के सिद्धान्त (Principles of Remedial Teaching)

उपचारात्मक शिक्षण को सफल बनाने के लिए अध्यापक को निम्न सिद्धान्तों पर ध्यान देना चाहिए-

1. अध्यापक एवं छात्र में निकट संबंध स्थापित किया जाए।

2. उपचार की योजना स्पष्ट रूप से बना लेनी चाहिए एवं उसके कार्यान्वयन में सावधानी से काम लिया जाए।

3. अध्यापक विस्तृत दृष्टिकोण अपनाए।

4. उपचारात्मक शिक्षण बालकों की आयु, रूचि, योग्यता एवं अनुभवों के अनुकूल हो।

5. उपचारात्मक शिक्षण के दौरान बालकों की रूचि को बनाए रखने के लिए उन्हें पर्याप्त प्रोत्साहन देते रहना चाहिए।

6. उपचार विधि की यह विशेषता होनी चाहिए कि उससे विद्यार्थी को अपनी सफलता के संबंध में शीघ्र परिणाम… (36 more words) …

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