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सीखने के नियम व सिद्धान्त (Rules of Learning)

सीखना, जीवन पर्यन्त चलने वाली क्रिया है। व्यवहार में कोई भी अपेक्षाकृत स्थाई परिवर्तन अधिगम है। यह पहले सीखी गई क्रिया या अनुभव का परिणाम है। सीखने के नियम तथा सिद्धान्तों की रचना मनोवैज्ञानिकों ने की है। इन नियमों एवं सिद्धान्तों का संक्षिप्त विवरण निम्न प्रकार से है।

थॉर्नडाइक के सीखने के नियम

नियम सभी जीव-जन्तु प्राकृतिक नियमानुसार जीवन व्यतीत करते हैं। इसी तरह सीखने के भी कुछ नियम हैं। इनमें ई, एल. थॉर्नडाइक के नियम सर्वाधिक मान्य है। इनमें तीन मुख्य और पाँच गौण नियम हैं, जो अग्र हैं

1. मुख्य नियम (i) तत्परता का नियम, (ii) अभ्यास का… (277 more words) …

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सिद्धान्त (Principles of Learning)

सीखने के अनेक सिद्धान्त प्रस्तुत किए गए हैं, उनमें से कुछ निम्न है: -

1. थॉर्नडाइक का सम्बन्धवाद

2. प्रबलन सिद्धान्त

3. सम्बद्ध प्रतिक्रिया सिद्धान्त

4. स्किनर का सिद्धान्त

5. अर्न्तदृष्टि सिद्धान्त

1. थॉर्नडाइक का सम्बन्धवाद इस सिद्धान्त के अनुसार जब कोई व्यक्ति कार्य सीखता है तो उसके सामने विशेष परिस्थिति या उद्दीपक होते हैं, जिनके साथ वह विशिष्ट प्रतिक्रिया प्रदर्शित करता है। भविष्य में उसी प्रकार उद्दीपक होने पर उसी प्रकार की प्रतिक्रिया होती है। इस प्रकार ‘उद्दीपक-प्रतिक्रिया’ में एक सम्बन्ध उत्पन्न हो जाता है। इस सिद्धान्त में प्रयास एवं त्रुटि को विशेष महत्व दिया जाता है।

2. प्रबलन… (286 more words) …

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