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भाषा कौशल के प्रकार (Types of Language Skills)

छात्रों में भाषा के कौशल का विकास करने हेतु चार प्रकार के कौशलों का प्रयोग किया जाता है, जो निम्नवत् है: -

  1. वाचन कौशल
  2. पढ़ने का कौशल
  3. लिखने का कौशल
  4. सुनने का कौशल

पढ़ने का कौशल (Reading Skills)

लिखित भाषा को पढ़ने की क्रिया को पठन कौशल कहा जाता है, जैसे - पुस्तकों को पढ़ना, समाचार पत्रों को पढ़ना आदि। भाषा के संदर्भ में पढ़ने का अर्थ कुछ भिन्न होता है। भाव और विचारों को, लिखित भाषा के माध्यम से अभिव्यक्ति को पढ़कर समझना पठन कहा जाता है। लिखने का उद्देश्य होता है कि भाव और विचारों को हम दूसरों तक पहुँचाना चाहते हैं। अन्य व्यक्ति जब उसको लिखित भाषा के रूप में पढ़ेगा तब उसके भाव एवं विचारों को समझ लेगा। इस क्रिया को पठन कहते है। किस सीमा तक कोई व्यक्ति उसके भाव एवं विचारों को… (265 more words) …

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वाचन कौशल (Speaking Skills)

‘वाचन’ एक कला है। वाचन की जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में आवश्यकता होती है। व्यक्ति का सबसे बड़ा आभूषण उसकी सुसंस्कृत एवं मधुर वाणी है। क्योंकि अन्य सभी आभूषण तो टूट या घिस जाते हैं, किन्तु वाणी सदा बनी रहती है। व्यक्ति का एकमात्र आभूषण उसकी मधुर वाणी है। अमृत भी मधुर वाणी में ही होता है। मनुष्य अपने भावों एवं विचारों को बोलकर अथवा लिखकर व्यक्त करता है। भावों एवं विचारों का सम्प्रेषण या प्रकाशन ही रचना है। अत: रचना के दो मुख्य रूप है - मौखिक रचना एवं लिखित रचना। ‘वशीकरण एक मंत्र है - परिहर वचन कठोर’।… (262 more words) …

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