Reading Comprehension-Prose or Drama (CTET Paper-II Hindi): Questions 384 - 391 of 413

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Question number: 384

» Reading Comprehension » Prose or Drama

Appeared in Year: 2010

MCQ▾

Question

‘पूर्वज’ का विलोम शब्द है

Choices

Choice (4) Response
a.

अग्रज

b.

अग्रणी

c.

पूर्वा

d. Both a. and c. are correct

Question number: 385

» Reading Comprehension » Prose or Drama

Appeared in Year: 2010

MCQ▾

Question

न्यूटन ने गुरूत्वाकर्षण बल की खोज की वाक्य को कर्मवाच्य में बदलिए।

Choices

Choice (4) Response
a.

गुरूत्वाकर्षण बल न्यूटन ने खोजा

b.

न्यूटन ने गुरूत्वाकर्षण बल की खोज की

c.

न्यूटन के द्वारा गुरूत्वाकर्षण बल की खोज की गई

d. All of the above

Passage

विद्वानों का यह कथन बहुत ठीक है कि विनम्रता के बिना स्वतंत्रता का कोई अर्थ नहीं। इस बात वो सब लोग मानते हैं कि आत्मसंस्कार के लिए थोड़ी बहुत मानसिक स्वतंत्रता परमावरश्य है - चाहे उस स्वतंत्रता में अभिमान और नम्रता दोनों का मेल हो और चाहे वह नम्रता ही से उत्पन्न हो। यह बात तो निश्चित है कि जो मनुष्य मर्यादापूर्वक जीवन व्यतीत करना चाहता है उसके लिए वह गुण अनिवार्य है, जिससे आत्मनिर्भरता आती है और जिससे अपने पैरों के बल खड़ा होना आता है। युवा को यह सदा स्मरण रखना चाहिए कि वह बहुम कम बातें जानता है, अपने ही आदर्श से वह बहुत नीचे है और उसकी आकांक्षाएँ उसकी योग्यता से कहीं बढ़ी हुई है। उसे इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि वह अपने बड़ों का सम्मान करे, छोटे और बराबर वालों से कोमलता का व्यवहार करें, ये बातें आत्ममर्यादा के लिए आवश्यक है। यह सारा संसार, जो कुछ हम हैं और कुछ हमारा है - हमारा शरीर, हमारी आत्मा, हमारे कर्म, हमारे भोग, हमारे घर और बाहर की दशा, हमारे बहुत से अवगुण और थोड़े गुण सब इसी बात की आवश्यकता प्रकट करते हैं कि हमें अपनी आत्मा को नम्र रखना चाहिए। नम्रता से मेरा अभिप्राय दब्बूपन से नहीं है, जिसके कारण मनुष्य दूसरों का मुँह ताकता है, जिससे उसका संकल्प क्षीण और उसकी प्रज्ञा मन्द हो जाती है, जिसके कारण बढ़ने के समय भी पीछे रहता है और अवसर पड़ने पर चट-पट किसी बात का निर्णय नहीं कर सकता। मनुष्य का बेड़ा उसके अपने ही हाथ में है, उसे वह चाहे जिधर ले जाए। सच्ची आत्मा वही है तो प्रत्येक दशा में प्रत्येक स्थिति के बीच अपनी राह आप निकालती है।

Question number: 386 (1 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

आत्म संस्कार में प्रयुक्त समास है

Choices

Choice (4) Response
a.

कर्मधारय

b.

दव्गु

c.

तत्पुरूष

d.

दव्न्दव्

Question number: 387 (2 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

आत्मसंस्कार के लिए आवश्यक है

Choices

Choice (4) Response
a.

आत्ममर्यादा

b.

नम्रता

c.

मानसिक स्वतंत्रता

d. All a. , b. and c. are correct

Question number: 388 (3 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

मनुष्य जैसा जीवन व्यतीत करना चाहता है?

Choices

Choice (4) Response
a.

आरामदायक

b.

वैभवपूर्ण

c.

मर्यादापूर्वक

d.

विलासितापूर्ण

Question number: 389 (4 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

‘परमावश्यक’ का सन्धि विच्छेद कीजिए

Choices

Choice (4) Response
a.

परम: + आवश्यक

b.

परमा + वश्यक

c.

परमो + आवश्यक

d.

परम + आवश्यक

Question number: 390 (5 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

प्रस्तुत गद्यांश का उपयुक्त शीर्षक है

Choices

Choice (4) Response
a.

नम्रता

b.

विनम्रता और स्वतंत्रता

c.

आत्ममर्यादा और स्वतंत्रता

d.

विनम्रता का महत्व

Question number: 391 (6 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

आत्ममर्यादा के लिए आवश्यक है

Choices

Choice (4) Response
a.

अपने से बड़ों का सम्मान करना तथा छोटो और बराबर वालों से कोमलतापूर्वक व्यवहार करना

b.

अपनी मर्यादा में रहना

c.

विनम्रता का व्यवहार करना

d.

अपनी आत्मा को नम्र रखना

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