Reading Comprehension-Prose or Drama (CTET (Central Teacher Eligibility Test) Paper-II Hindi): Questions 362 - 368 of 413

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Passage

मानव जीवन में स्वावलम्बन की महत्ता सर्वोपरि है। जो व्यक्ति अपनी शक्ति पर भरोसा रखता है, दूसरों की सहायता पर निर्भर नहीं रहता, वही सच्चा आत्मनिर्भर अथवा स्वावलम्बी है। आत्मनिर्भरता सभी सुखों का स्त्रोत है। स्वावलम्बी व्यक्ति विपरीत परिस्थितियों पर सरलता से विजय प्राप्त कर लेता है। उसमें विघ्नों से जूझने की असीम शक्ति और प्रेरणा होती है। आत्मनिर्भरता आत्मविश्वास को बढ़ाती है। यह आत्मविश्वास ही सब प्रकार की उन्नति का द्वार है। यह मनुष्य को आशावादी और आस्तिक बनाता है। परमात्मा भी उन्हीं की सहायता करता है, जो स्वयं अपनी सहायता करते हैं। स्वावलम्बी व्यक्ति बने-बनाये मार्गों पर नहीं चलते, वरन् अपने साहस और संघर्ष से नये पथों का निर्मामा करते हैं और लोक कल्याण के क्षेत्र में अपना महत्वपूर्ण योग देते हैं।

स्वावलम्बन की महत्ता को ध्यान में रखकर ही हमारे प्राचीन ग्रन्थों में ‘स्वाध्याय’ पर विशेष बल दिया गया है। स्वाध्याय का अर्थ है किसी अन्य व्यक्ति की सहायता के बिना, स्वयं अपनी समझ के भरोसे पर पुस्तकों का अध्ययन करना और उनसे ज्ञान अर्जित करना। मनुष्य जो ज्ञान अपने प्रयत्नों से प्राप्त करता है, वह उसके व्यक्तित्व का अभिन्न अंग बन जाता है। वह उसे कभी भूल नहीं सकता। जो ज्ञान हमारे अन्दर दूसरों के द्वारा बाहर से ठूँसा जाता है, उस पर हमारा कभी पूरा अधिकार नहीं हो पाता। इसके विपरीत जो ज्ञान हम अपने प्रयत्नों से स्वयं अर्जित करते है, वह हमारी अपनी गाढ़ी कमाई है, हमारी निजी स्थायी सम्पत्ति हैं। स्वाध्यायशील व्यक्ति ही महान् मौलिक चिन्तक बन कर ज्ञान-विज्ञान के नये क्षेत्रों का विकास करते हैं।

Question number: 362 (4 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

आस्तिक शब्द से आशय है

Choices

Choice (4) Response

a.

पूजा करने वाला

b.

भगवान को मानने वाला

c.

पूजा करने योग्य

d.

भगवान को न मानने वाला

Question number: 363 (5 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

आत्मविश्वास ही सब प्रकार की ……………. का द्वार है। रिक्त स्थान की पूर्ति के लिए उपयुक्त शब्द है

Choices

Choice (4) Response

a.

सुविधाओं

b.

प्रतिष्ठाओं

c.

उन्नतियों

d.

ऊँचाइयों

Question number: 364 (6 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

स्वयं अपनी सहायता करने वाले व्यक्ति की सहायता कौन करता है?

Choices

Choice (4) Response

a.

विपक्षी

b.

देवगण

c.

परिवेश

d.

परमात्मा

Question number: 365 (7 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

उपरोक्त अवतरण का सर्वाधिक उपर्युक्त शीर्षक है

Choices

Choice (4) Response

a.

स्वावलम्बन और मौलिक चिन्तन

b.

स्वावलम्बन और आत्मोन्नति

c.

स्वावलम्बन की महत्ता

d.

स्वावलम्बन और स्वाध्याय

Question number: 366 (8 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

कौनसा कथन सही नहीं है

Choices

Choice (4) Response

a.

स्वावलम्बी व्यक्ति विघ्नों पर विजयी पाता है

b.

स्वावलम्बी व्यक्ति दम्भी और उद्देण्य हो जाता है

c.

स्वाध्याय से व्यक्ति मौलिक चिन्तक बन जाता है

d.

स्वावलम्बन से व्यक्ति मौलिक चिन्तक बन जाता है

Question number: 367 (9 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

‘स्वाध्याय’ का सही सन्धि विच्छेद है

Choices

Choice (4) Response

a.

सु + अध्याय

b.

स्व् + अध्याय

c.

सु: + अध्याय

d.

स्व: + ध्याय

Passage

वर्तमान हिन्दी कविता की भूमि में आज एक कोलाहल सा छा रहा है। लोग कहते है कि इस कविता के माध्यम से राजनीति साहित्य पर चढ़ी आ रही है आर जिस कला पक्ष में फूल और फलों की सजावट होनी चाहिए थी, उसमें मजदूरों के गन्दे चिथड़े चिमनियों का धुआँ और खेतों की धूल भरती जा रही है। शुद्ध कला के उपासकों को यह चिन्ता हो रही है कि साहित्य राजनीति के हाथ का रणवाद्य बनता जा रहा है और उसके प्राणों की कलामयी दीप्ति दिनोदिन क्षीण होती जा रही है।

दूसरी ओर एक दल है जो शुद्ध कला की कृतियों को आनन्द और पलायन का प्रयास कहकर उसकी हँसी उड़ाता है। उसका विश्वास है कि जब जीवन में संघर्ष की आँधी चल रही हो, पराधीन राष्ट्र स्वतंत्र होने के लिए आन्दोलन कर रहे हों। ऐसे समय में कवि का अपनी वैयक्तिक अनुभूति के मायाबन्ध में बँधे रहना जीवन के प्रति साहित्य को दायित्वहीनता का प्रमाण है। यह दल चाहता है कि साहित्य अपने कल्पना लोक से उतरकर पृथ्वी पर आए और निष्क्रियता त्याग कर प्रगति के मार्ग पर आरूढ़ रहे।

Question number: 368 (1 of 8 Based on Passage) Show Passage

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Question

दूसरा दल चाहता है कि साहित्यकार

Choices

Choice (4) Response

a.

आदर्श की उपेक्षा कर यथार्थ की बात करें

b.

सक्रिय होकर प्रगति पथ पर आरूढ़ हो

c.

जीवन में समृद्धि लाने की प्रेरणा दे

d.

स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करे

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