Reading Comprehension-Prose or Drama (CTET Paper-II Hindi): Questions 344 - 351 of 413

Get 1 year subscription: Access detailed explanations (illustrated with images and videos) to 827 questions. Access all new questions we will add tracking exam-pattern and syllabus changes. View Sample Explanation or View Features.

Rs. 400.00 or

Passage

भाषा का प्रयोग दो रूपों में किया जा सकता है - एक तो सामान्य जिससे लोक में व्यवहार होता है तथा दूसरा साहित्य रचना के लिए, जिसमें प्राय: अलंकारित भाषा का प्रयोग किया जताा है। साहित्यिक रचना के लिए भाषा लोक-भाषा का कार्य करते हुए भी उससे भिन्न होती है। क्योंकि इसमें कवि की कल्पना भी काम करती है तथा उसे परिमार्जित रूप में प्रस्तुत करती है। विद्वानों का अनुमान है कि जब से संसार में साहित्य का सृजन आरम्भ हुआ है तभी से अलंकारिक भाषा प्रयोग में लाई जा रही है। संसार का प्राचीनतम ग्रन्थ ऋग्वेद तथा आदि महाकाव्य रामायण इस बात के प्रत्यक्ष ग्रन्थ प्रमाण हैं। इन दोनों रचनाओं में अलंकृत भाषा के उत्कृष्ट उदाहरण प्राप्त होते हैं। संसार के समस्त कवियों एवं साहित्यकारों ने इसी प्रवृत्ति का अनुकरण किया है। वस्तुत: अलंकृत भाषा के अभाव में काव्य, काव्य नहीं कहलाता। इसी बात का समर्थन करते हुए कहा भी गया है कि अलंकारविहीन कविता, विधवा के समान होती है। आचार्य भामाह का भी कथन है कि जिस प्रकार किसी रमणी की सुन्दरता अलंकारों बिना पूर्ण नहीं होती, उसी प्रकार साहित्य भी आभूषणों के बिना शोभा नहीं पाता। आचार्य दण्डी ने अलंकारों को काव्य का शोभा विधायक धर्म माना है। आचार्य मम्मट और विश्वनाथ ने भी काव्य में अलंकार की महत्ता स्वीकारते हुए क्रमश: उन्हें सौन्दर्य के उपकारक तथा शब्दार्थ के शोभातिशायी धर्म कहा है।

Question number: 344 (4 of 9 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

MCQ▾

Question

शब्द ‘महाकाव्य’ में कौनसा समास है?

Choices

Choice (4) Response
a.

अव्ययीभाव

b.

दव्गु

c.

कर्मधारय

d.

दव्न्दव्

Question number: 345 (5 of 9 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

MCQ▾

Question

शब्दार्थ के शोभातिशायी धर्म अलंकार के समर्थन आचार्य है

Choices

Choice (4) Response
a.

आचार्य मम्मट और विश्वनाथ

b.

आचार्य भामह और जगन्नाथ

c.

आचार्य दण्डी और जगन्नाथ

d.

आचार्य भामह और बाणभट्ट

Question number: 346 (6 of 9 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

MCQ▾

Question

‘शब्दार्थ’ शब्द में कौनसी सन्धि है?

Choices

Choice (4) Response
a.

यण

b.

दीर्घ

c.

अयादि

d.

गुण

Question number: 347 (7 of 9 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

MCQ▾

Question

उपरोक्त अवतरण का उपयुक्त शीर्षक है

Choices

Choice (4) Response
a.

साहित्य का स्वरूप

b.

भाषा के विविध स्वरूप

c.

लोक भाषा और साहित्यिक भाषा

d.

काव्य में अलंकारों का महत्व

Question number: 348 (8 of 9 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

MCQ▾

Question

लोक व्यवहार की भाषा होती है

Choices

Choice (4) Response
a.

अलंकारपूर्ण साहित्यिक भाषा

b.

संस्कृतनिष्ठ लोक भाषा

c.

व्याकरण सम्मत लोक भाषा

d.

बोलचाल की सामान्य लोक भाषा

Question number: 349 (9 of 9 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

MCQ▾

Question

शब्द ‘परिमार्जित’ का अर्थ होगा

Choices

Choice (4) Response
a.

अर्जित करना

b.

निर्माण करना

c.

स्नेह करना

d.

दान करना

Passage

संस्कृति किसी दो मंजिला मकान की तरह होती है। पहली मंजिल पर एकदम मूलभूत मगर चिरन्तन जीवन मूल्य होते हैं। इसमें परस्पर सहकार्य, न्याय, सौन्दर्य जैसे मूलभूत तत्व आते है। ये मूल्य समय से परे होते हैं। पहली मंजिल पर दूसरी मंजिल का निर्माण किसी समाज की विशिष्ट आवश्यका के अनुरूप होता है। धार्मिक ऐतिहासिक परम्परा, आर्थिक लेनदेन, स्त्री-पुरूष सम्बन्ध और परिस्थितिजन्य अन्य मूल्यों का निर्माण में योगदान होता है। इससे पहली मंजिल के मूलभूत मूल्यों की उपेक्षा होने लगती है। समाज को भ्रम होने लगता है कि दूसरे मंजिल की मूल व्यवस्था ही अपनी सच्ची संस्कृति है। भ्रम से कई तरह की विकृति उत्पन्न होती है, जो सामाजिक परिवर्तन से संघर्ष करने लगती है। वस्तुत: आज इन्हीं परिस्थितियों को मात देकर नई संस्कृति का निर्माण करना देश के सामने सबसे बड़ा कार्य है। इसमें शिक्षा पद्धति और प्रसार माध्यम महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। शिक्षा के भावी पीढ़ी पर सांस्कृतिक निष्ठा के संस्कार डाले जाते हैं। हमारी शिक्षा इस कसौटी पर खरी नहीं उतरी है। समाज में विषमता की खाई चौड़ी करने में ही इसका योगदान रहा है। यह अमीरों की दोस्त और गरीबों की दुश्मन हो गई है। एकाध ठीकठााक पाठशाला में बच्चों को प्रवेश दिलाने में बीस हजार रूपए एक ‘हफ्ता’ देना पड़ता है।

Question number: 350 (1 of 8 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

MCQ▾

Question

शिक्षा पद्धति सफल क्यों नहीं हो रही है?

Choices

Choice (4) Response
a.

वह अमीरों और गरीबों के बीच खाई चौड़ी कर रही है

b.

वह केवल अमीरों की दोस्त और गरीबों की दुश्मन है

c.

वह संस्कृति के प्रति पूज्य भाव के संस्कार नहीं डाल पा रही है

d.

वह हर बार बदल दी जाती है

Question number: 351 (2 of 8 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

MCQ▾

Question

संस्कृति के पुनर्निमाण में सबसे अधिक सहायक कौन हो सकता है?

Choices

Choice (4) Response
a.

लोगों की दृढऋ इच्छाशक्ति

b.

संस्कृति का सरलीकरण

c.

शिक्षा पद्धति में बदलाव

d.

पद्धति में बदलाव

Sign In