Reading Comprehension-Prose or Drama (CTET Paper-II Hindi): Questions 232 - 237 of 413

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Passage

विकास के उच्च शिखर पर पताका फहराते हुए आज हम विज्ञान के उत्कर्ष काल में जी रहे हैं। परन्तु ये कैसी विडम्बना है कि मैला उठाने की सर्वाधिक घृणित प्रथा आज भी हमाने समाज में विद्यमान है। घर-घर मैला साफ करते नर-नारियों के प्रति हमारा समाज संवेदनशील न हो, ऐसा नहीं। हमारी संवेदनाएँ या तो तीव्रता से उठती नहीं या स्वार्थ के आवरण में आवृत्त होकर घुट-घुट कर मर जाती हैं। बड़ी नालियों-नालों में नंगे बदन सफाई करते इंसान देखकर अपने सभ्य होने पर हमें लज्जा क्यों नहीं आती? सड़क पर गाड़ियों, ठेलों और कमर पर मैला उठाते नर-नारियों को देखकर हम शर्म से धरती में क्यों नहीं गड़ जाते? सीवर टैंकों की सफाई के समय जहरीली गैसों के प्रभाव से असमय ही काल-कलवित हो जाने वाले युवकों की माताओं के कारूणिक रूदन का श्रवण हम क्यों नहीं कर पाते?

प्रतिकूल मौसमी दशाओं की मार झेलती, दुधमुँहे शिशुओं को रोता-बिलखता छोड़ घर-घर मैला उठाने वाली नारियाँ भोर होते ही निकल पड़ती है। हमारे लिए जो निकृष्ट और घृणित कर्म है, उनके लिए वही एक सत्कर्म है। हम देवत्व का मिथ्यावरण लपेटे घण्टो और शंख ध्वनियों के बीच पुरोहिती का राग अलपाते है और उन्हें तिरस्कृत कर पास भी नहीं फटकने देते। गन्दगी उठाने वाले इस वन्दनीय समाज की सेवा से हम सभी उऋण नहीं हो सकते। यह तिरस्कार नहीं वन्दना का पात्र है। इस कुप्रथा को समूल उखाड़ फेंकने के लिए सामूहिक प्रयास अपरिहार्य है।

Question number: 232 (1 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

आधुनिक काल की सर्वाधिक प्रमुख विडम्बना क्या है?

Choices

Choice (4) Response
a.

हम विज्ञान के उत्कर्ष काल में जी रहे हैं

b.

हमारे भीतर दया के भाव का लोप हो गया

c.

हमारे समाज में मैला उठाने की प्रथा विद्यमान है

d.

मैला उठाने वालों के प्रति हम संवेदनशून्य हैं

Question number: 233 (2 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

शब्द ‘उऋण’ का पर्याय है

Choices

Choice (4) Response
a.

अधिक ऋण

b.

न चुका पाने वाला ऋण

c.

ऋण का न होना

d.

न चुकाने वाला ऋण

Question number: 234 (3 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

‘काल कलवित हो जाना’ से तात्पर्य है

Choices

Choice (4) Response
a.

मृत्यु हो जाना

b.

बीमारी से ग्रस्त हो जाना

c.

निर्धन होना

d.

शारीरिक क्षति होना

Question number: 235 (4 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

गद्यांश में ‘पुरोहिती का राग अलापने वाले’ कहकर लेखक ने किस भाव को प्रकट किया है?

Choices

Choice (4) Response
a.

उपहासात्मक भाव

b.

उपदेशात्मक भाव

c.

व्यंग्यात्मक भाव

d.

विचारात्मक भाव

Question number: 236 (5 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

लेखक ने हमें सभ्य होने पर भी लज्जाहीन क्यों कहा है?

Choices

Choice (4) Response
a.

हमारे समाज में आज भी मैला ढोने की प्रथा है

b.

हमने मैला ढोने वालों को तिरस्कृत कर रखा है

c.

विज्ञान के उत्कर्ष काल में भी मैला ढ़ोने की प्रथा प्रचलित है

d. All of the above

Question number: 237 (6 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

‘हमारे लिए जो निकृष्ट और घृणित कर्म है, उनके लिए वही एक सत्कर्म है।’ इस कथन में सत्कर्म से क्या अभिप्राय है?

Choices

Choice (4) Response
a.

भीख मांगना

b.

पुरोहिती का राग अलापने का कार्य

c.

शोषित और तिरस्कृत लोगों को मुक्ति दिलाने का कार्य

d.

मैला उठाने का कार्य

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