Reading Comprehension-Prose or Drama (CTET Paper-II Hindi): Questions 219 - 226 of 413

Get 1 year subscription: Access detailed explanations (illustrated with images and videos) to 827 questions. Access all new questions we will add tracking exam-pattern and syllabus changes. View Sample Explanation or View Features.

Rs. 400.00 or

Passage

अहिंसा वीरता का श्रेष्ठ रूप है और गाँधीजी से बड़ा वीर इस युग में कोई उत्पन्न नहीं हुआ। मेरी धारणा है कि अपना जीवन सिद्धान्त अनाने से पूर्व गाँधीजी ने अहिंसा को निश्चय ही नीति के रूप में ग्रहण किया होगा। अंग्रेजों से देश को मुक्ति दिलाने के संघर्ष में कोई अन्य रूप समीचीन नहीं था। सर्वथा नि: शस्त्र देश के लिए हिंसात्मक क्रान्ति किसी प्रकार की श्रेयस्कर नहीं हो सकती थी। भौतिक के अभाव में क्रान्तिदर्शी नेता ने देश को आत्मिक संयम की प्रेरणा दी। यह उसकी नीति और आदर्शवादिता दोनों थी। भौतिक बल से आत्मिक बल का प्रभाव कहीं अधिक है, यह समझने में भारत जैसे देश कोदेर नहीं लगी और वह मारकर नहीं, मरकर विजय प्राप्त करने के लिए उत्साहित होने लगा। इसके उत्साह का एक रचनात्मक रूप भी था जो भारत के उत्कर्ष की भावना में अभिव्यक्त होता था।

Question number: 219 (6 of 9 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

MCQ▾

Question

निश्चय का सही सन्धि विच्छेद है

Choices

Choice (4) Response

a.

निश् + चय

b.

नि: + चय

c.

निश + चय

d.

नि: + श्चय

Question number: 220 (7 of 9 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

MCQ▾

Question

इस अवतरण का सर्वाधिक उपयुक्त शीर्षक है

Choices

Choice (4) Response

a.

महात्मा गाँधी का त्याग

b.

भारत का आत्मिक बल

c.

अहिंसा और आत्मिक बल

d.

हिंसा और अहिंसा

Question number: 221 (8 of 9 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

MCQ▾

Question

अहिंसा श्रेष्ठ रूप है

Choices

Choice (4) Response

a.

भारत के उत्कर्ष का

b.

आत्मिक बल का

c.

न्याय का

d.

अस्तेय का

Question number: 222 (9 of 9 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

MCQ▾

Question

महात्मा शब्द में प्रयुक्त समास है

Choices

Choice (4) Response

a.

कर्मधारय

b.

दव्गु

c.

तत्पुरूष

d.

दव्न्दव्

Passage

गाँधी मानते थे कि सामाजिक जीवन की ओर बढ़ने से पहले कौटुम्बिक जीवन का अनुभव प्राप्त करना आवश्यक है। इसलिए वे आश्रम जीवन बिताते थे। इससे समय और धन तो बचता ही था, सामूहिक जीवन का अभ्यास भी होता था। लेकिन यह सब होना चाहिए, समय-पालन, सुव्यवस्था और शुचिका के साथ।

इस ओर लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए गाँधीजी स्वयं भी सामूहिक रसोईघर में भोजन करते थे। भोजन के समय दो बार घण्टी बजती थी। जो दूसरे घण्टी बजने तक भोजनालय में नहीं पहुँच पाता था, उसे दूसरी पंक्ति के लिए बरामदे में इन्तजार करना पड़ता था। दूसरी घण्टी बजते ही रसोईघर का द्वार बन्द कर दिया जाता था, जिसके बाद आने वाले व्यक्ति अन्दर न आने पाएँ।

एक दिन गाँधीजी पिछड़ गए। संयोग से उस दिन आश्रमवासी श्री हरिभाऊ उपाध्याय भी पिछड़ गए। जब वे वहाँ पहुँचे तो देखा कि बापू बरामदे में खड़े हुए बैठने के लिए ने बैंच है, न कुर्सी। हरिभाऊ ने विनोद करते हुए कहा, ”बापूजी आज तो आप भी गुनहगारों के कठघरे में आ गए हैं।“

गाँधीजी खिलखिलाकर हंस पड़े, बोले ‘कानूनी के सामने तो सब बराबर होते हैं न’

हरिभाऊ जी ने कहा, ‘बैठने के लिए कुर्सी लाऊँ, बापू? ’ गाँधीजी बोले, ‘नहीं, उसकी जरूरत नहीं है। सजा पूरी भुगतनी चाहिए। उसी में सच्चा आनन्द है।’

Question number: 223 (1 of 9 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

MCQ▾

Question

सभी भोजनालय में एक साथ भोजन करते थे। इससे

Choices

Choice (4) Response

a.

सुव्यवस्था रहती थी

b.

गाँधीजी और हरिभाऊ जी को बहुत असुविधा हुई

c.

सामूहिक जीवन का महत्व पता चलता था

d.

केवल धन की बचत होती थी

Question number: 224 (2 of 9 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

MCQ▾

Question

गाँधी ने किस बात की पूरी सजा भुगतान की पूरी बात की?

Choices

Choice (4) Response

a.

देर से रसोई घर में पहुँचने की

b.

सामूहिक जीवन की

c.

आश्रम जीवन बिताने की

d.

गलत नियम बनाने की

Question number: 225 (3 of 9 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

MCQ▾

Question

‘कानून के सामने तो सब बराबर होते हैं न’ गाँधीजी का यह कथन इस ओर संकेत करता है कि

Choices

Choice (4) Response

a.

गाँधीजी झेंप गए थे

b.

कानून किसी तरह का भेदभाव नहीं करता

c.

गाँधीजी पूरी ईमानदारी से नियमों का पालन करने में विश्वास रखते थे

d.

कानून के हाथ लम्बे होते हैं

Question number: 226 (4 of 9 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

MCQ▾

Question

सामूहिक जीवन बिताने के लिए सबसे महत्वपूर्ण है

Choices

Choice (4) Response

a.

समूह के लिए बनाए गए नियमों का पालन

b.

सब समान स्तर के हों

c.

समान विचारधारा होना

d.

समूह के सदस्यों की आपसी प्रतिस्पर्द्धा

f Page
Sign In