Reading Comprehension-Prose or Drama (CTET Paper-II Hindi): Questions 194 - 201 of 413

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Passage

‘अब पछताए होत क्या, जब चिड़िया चुग गई खेत।’ बिना विचार कार्य करने वाला जीवन भर नौ-नौ आसूँ रोया करता है। अत: कार्य को प्रारम्भ करने से पूर्व भली प्रकार से सोच-समझकर निर्णय लेना चाहिए। जिस पकार मुँह से निकली बात, कमान से छूटा तीर वापिस नहीं आते, उसी प्रकार बीता हुआ समय कभी लौटकर नहीं आता। अत: उचित समय पर उचित निर्णय करना ही मानव का परम कर्तव्य है। विचारपूर्वक आगे बढ़ना ही सफलता का मूल मंत्र है। गलती करके पश्चाताप करना तो एक गलती के ऊपर दूसरी गलती करना है। जो बात हो चुकी उस पर चिन्ता करना, खेद करना, पश्चाताप करना व्यर्थ है, क्योंकि इससे कोई लाभ है ही नहीं। यदि पृथ्वीराज मोहम्मद गौरी के विषैले दाँतों को पहली बार हराते ही तोड़ देता, तो भारत का इतिहास कुछ और ही होता। कैकेयी के अविवेकपूर्ण निर्णय से न केवल उसे वैधव्य ही झेलना पड़ा बल्कि वह सामाजिक निन्दा का शिकार भी बनी। उसने पश्चाताप स्वरूप राम को वापस लाने का प्रयास किया, किन्तु सब व्यर्थ। रावण जैसे पराक्रमी शिवभक्त राजा ने अविवेक के कारण सीता-हरण कर लिया और उसकी यही भूल उसके लिए ही नहीं, बल्कि उसके समस्त परिवार के लिए विनाश का कारण बनी। निष्कर्षस्वरूप कहा जा सकता है कि बना सोचे व विचार किए कार्य नहीं करना चाहिए क्योंकि उसका पराािम अमंगलकारी होता है।

Question number: 194 (8 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

शिव भक्त में प्रयुक्त समास है

Choices

Choice (4) Response

a.

अव्ययी भाव

b.

कर्मधारय

c.

तत्पुरूष

d.

बहुब्रीहि

Question number: 195 (9 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

मुँह से निकली बात की तुलना किससे की गई है?

Choices

Choice (4) Response

a.

कमान

b.

कमान से निकला तीर

c.

तीर

d.

कमान से लगा तीन

Passage

व्यक्ति समाज की इकाई है और शिक्षा व्यक्ति को सत् चित्त और आनन्द की अनुभूति करने योग्य बनाती है, शिक्षा का अर्थ है जीना सीखने की कला। हम जीते हैं समाज में, अत: शिक्षा का मूल स्त्रोत है समाज। इस प्रकार शिक्षा अैर समाज पर परस्पर घनिष्ठ संबंध है। शिक्षा व शिक्षण संस्थाओं का समाज में विशेष महत्त्वपूर्ण स्थान है, क्योंकि यहीं से भावी नागरिक ढल कर निकलते है। आज समाज में मूलरूप को परिष्कृत करने हेतु नैतिक शिक्षा के प्रश्न पर विशेष बल दियाजाने लगा है। यह आवश्यकता अनुभव की गई है कि हमारे मान्यताओं का स्खलन हो रहा है, सामाजिक जीवन में जो अनैतिकता दिनों-दिन बढ़ती जा रही है, उसका मूल कारण नैतिक शिक्षा का अभाव है। आज हमने भौतिक उन्नति को एकमात्र उद्देश्य बना लिया है। हम भौतिकवादी से अतिभौतिकवादी होते जा रहे हैं और यही कारण है कि विफलताएँ हमारे मार्ग को अवरूद्ध करती जा रही हैं। आज शिक्षा का महत्व केवल पुस्तकीय ज्ञान मात्र है जो पुस्तकों में ढलता जा रहा है। यह शैक्षिक प्रक्रिया केवल मशीनीकरण का पर्याय न बने और व्यावहारिक सद्शिक्षा का स्वरूप विकसित हो इसके लिए अपेक्षित है कि नैतिक मूल्यों की शिक्षा दी जाए अन्यथा समाज में अपराध प्रवृत्ति निरन्तर बढ़ती रहेगी। यदि हम जीवन में सामंजस्य स्थापित करना चाहते है तो भौतिक प्रगति के साथ-साथ आध्यात्मिक प्रगति को भी जागरूक बनाए रखना आवश्यक है। आज विद्यार्थियों में व्याप्त अनुशासनहीनता, निराशा एवं हतोत्साह के प्रमुख कारण मानसिक एवं आध्यात्मिक अनुशासन का अभाव है। अतएव विद्याथ्रियों में प्रारम्भ से ही चरित्र निर्माण और देशभक्ति की भावना जाग्रत करने के लिए, उनमें दृढ़ संस्कारों का निर्माण करने के लिए नैतिक शिक्षा देना अति आवश्यक है। नैतिक शिक्षा के बिना स्वस्थ समाज की कल्पना असम्भव है।

Question number: 196 (1 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

हतोत्साह का विपरीतार्थी शब्द है

Choices

Choice (4) Response

a.

उत्साह

b.

प्रेरणा

c.

अभिप्रेरणा

d.

प्रोत्साहन

Question number: 197 (2 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

समाज में शिक्षण संस्थाएँ इसलिए महत्व रखती है, क्योंकि शिक्षण

Choices

Choice (4) Response

a.

संस्थाओं से ही शिक्षा की गुणात्मकता का बोध होता

b.

संस्थाएँ, शिक्षार्थियों को उपाधि पत्र प्रदान करती है

c.

संस्थाओं में ही शिक्षार्थी पढ़-लिखकर होनहार बनते है

d.

संस्थाओं से ही भावी नागरिक ढलकर निकलते है

Question number: 198 (3 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

नैतिक शिक्षा से समाज को लाभ होगा

Choices

Choice (4) Response

a.

छात्रों के चरित्र संस्कार के अभाव का

b.

छात्रों के समन्वित चरित्र के निर्माण का

c.

छात्रों में धार्मिक जानकारी का

d.

संघर्ष की प्रवृत्ति के विकास का

Question number: 199 (4 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

हमारी सामाजिक मान्यताओं के विघटन का प्रमुख कारण है

Choices

Choice (4) Response

a.

नैतिक शिक्षा का अभाव

b.

वैज्ञानिक शिक्षा का अभाव

c.

आध्यात्मिक शिक्षा का अभाव

d.

सांस्कृतिक कार्यक्रमों का अभाव

Question number: 200 (5 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

नागरिक का विलोम शब्द है

Choices

Choice (4) Response

a.

सामाजिक

b.

ग्रामीण

c.

राष्ट्रीय

d.

All of the above

Question number: 201 (6 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

निम्न में से ‘अ’ उपसर्ग वाला शब्द है

Choices

Choice (4) Response

a.

असम्भव

b.

अति आवश्यक

c.

अनुशासन

d.

आध्यात्म

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