Reading Comprehension-Prose or Drama (CTET Paper-II Hindi): Questions 180 - 188 of 413

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Passage

लोभ का सबसे प्रशस्त रूप वह है, जो रक्षा मात्र की इच्छा का प्रवर्तक होता है, जो मन में यही वासना उत्पन्न करता है कि कोई वस्तु बनी रहे, चाहे वह हमारे किसी उपयोग में आए या न आए। इस लोभ में दोष का लेश उसी अवस्था में आ सकता है, जबकि वह वस्तु ऐसी हो, जिससे किसी को कोई बाधा या हानि पहुँचती हो। कोई सुन्दर कृष्णसार मृग नित्य आकर खेती की हानि किया करता है।उ सके सौन्दर्य पर मुग्ध होकर उसकी रक्षा चाहने वाला यदि बराबर उसकी रक्षा में प्रवृत्त रहेगा, तो बहुतों सेउसकी अनबन हो सकती है। वह लोभ धन्य है, जिससे किसी के लोभ का विरोध नहीं और लोभ की जो वस्तु अपने सब लोभियों को एक-दूसरे का लोभी बनाए रहती है, वह भी परम पूज्य है। घर का प्रेम, पुर या ग्राम का प्रेम, देश का प्रेम इसी पवित्र लोभ के क्रमश: विस्तृत रूप हैं। मनुष्य के प्रयत्नों की पहुँच बहुत ही परिमित होती है। अत: जो प्रेम क्षेत्र जितना ही निकटस्थ होगा उसमें उतने ही अधिक प्रयन्त की आवश्यकता होगी और जो जितनी ही दूर होगा, प्रयत्नों का उतना ही कम अंश उसके लिए आवश्यक होगा। सबसे अधिक घर की रक्षा का, फिर पुर या ग्राम की रक्षा का और भी देश की रक्षा का ध्यान जनसाधारण के लिए स्वाभाविक है, पर जिनकी दृष्टि बहुत व्यापक होती है, जिनके अन्त: करण में परार्थ को छोड़ स्वार्थ के लिए अलग जगह नहीं होती। वे इस क्रम का विपर्यय कर दिखाते हैं। वे देश की रक्षा के लिए अवसर पड़ने पर घर का लोभ क्या प्राण तक का लोभ छोड़ देते हैं। पर ऐसे लोग विरले होते हैं। सबसे ऐसी आशा नहीं की जा सकती।

Question number: 180 (3 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

लाभ का प्रशस्त रूप है

Choices

Choice (4) Response
a.

वस्तु की मात्र रक्षा की इच्छा

b.

वस्तु के मात्र उपभोग की इच्छा

c.

वस्तु के मात्र उपयोग की इच्छा

d.

वस्तु को मात्र अधिकार में रखने की इच्छा

Question number: 181 (4 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

शब्द ‘विरले’ से आशय है

Choices

Choice (4) Response
a.

बिखरे हुए

b.

बहुत कम

c.

अधिक

d.

कम

Question number: 182 (5 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

इस गद्यांश का मुख्य विषय है

Choices

Choice (4) Response
a.

स्वार्थ

b.

वासना

c.

लोभ

d.

प्रेम

Question number: 183 (6 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

व्यापक का समानार्थक शब्द है

Choices

Choice (4) Response
a.

विस्तृत

b.

संकुचित

c.

उचित

d.

अधिक

Question number: 184 (7 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

देश प्रेम लोभ का रूप है

Choices

Choice (4) Response
a.

संकीर्ण

b.

सामान्य

c.

विस्तृत

d.

असाधारण

Question number: 185 (8 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

विस्तृत का विपरीतार्थी शब्द है

Choices

Choice (4) Response
a.

संक्षिप्त

b.

छोटा

c.

सिमटना

d.

सिकुड़ना

Question number: 186 (9 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

निम्न में से कौनसा मृग का पर्यायवाची नहीं है?

Choices

Choice (4) Response
a.

कुरंग

b.

सारंग

c.

हिरन

d.

मतंग

Passage

‘अब पछताए होत क्या, जब चिड़िया चुग गई खेत।’ बिना विचार कार्य करने वाला जीवन भर नौ-नौ आसूँ रोया करता है। अत: कार्य को प्रारम्भ करने से पूर्व भली प्रकार से सोच-समझकर निर्णय लेना चाहिए। जिस पकार मुँह से निकली बात, कमान से छूटा तीर वापिस नहीं आते, उसी प्रकार बीता हुआ समय कभी लौटकर नहीं आता। अत: उचित समय पर उचित निर्णय करना ही मानव का परम कर्तव्य है। विचारपूर्वक आगे बढ़ना ही सफलता का मूल मंत्र है। गलती करके पश्चाताप करना तो एक गलती के ऊपर दूसरी गलती करना है। जो बात हो चुकी उस पर चिन्ता करना, खेद करना, पश्चाताप करना व्यर्थ है, क्योंकि इससे कोई लाभ है ही नहीं। यदि पृथ्वीराज मोहम्मद गौरी के विषैले दाँतों को पहली बार हराते ही तोड़ देता, तो भारत का इतिहास कुछ और ही होता। कैकेयी के अविवेकपूर्ण निर्णय से न केवल उसे वैधव्य ही झेलना पड़ा बल्कि वह सामाजिक निन्दा का शिकार भी बनी। उसने पश्चाताप स्वरूप राम को वापस लाने का प्रयास किया, किन्तु सब व्यर्थ। रावण जैसे पराक्रमी शिवभक्त राजा ने अविवेक के कारण सीता-हरण कर लिया और उसकी यही भूल उसके लिए ही नहीं, बल्कि उसके समस्त परिवार के लिए विनाश का कारण बनी। निष्कर्षस्वरूप कहा जा सकता है कि बना सोचे व विचार किए कार्य नहीं करना चाहिए क्योंकि उसका पराािम अमंगलकारी होता है।

Question number: 187 (1 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

शिव भक्त में प्रयुक्त समास है

Choices

Choice (4) Response
a.

अव्ययी भाव

b.

कर्मधारय

c.

तत्पुरूष

d.

बहुब्रीहि

Question number: 188 (2 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

‘अब पछताए होत क्या, जब चिड़िया चुग गई खेत’ लोकोक्ति का अर्थ बताइए।

Choices

Choice (4) Response
a.

जब चिड़िया ने सारा खेत खा लिया तब भगाने का क्या लाभ

b.

अब समय रहते चिड़िया को भगा दिया होता तो वह खेत नहीं चुगती

c.

अब पछताना व्यर्थ है क्योंकि चिड़िया तो अपना काम कर गई

d.

अवसर निकलने पर पछताने का कोई फायदा नहीं

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