Reading Comprehension-Prose or Drama (CTET Paper-II Hindi): Questions 174 - 183 of 413

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Passage

साहित्यशास्त्रियों ने मानव की भावनाओं का विवेचन करते हुए अनेक रसों का निरूपण किया है, परन्तु वैज्ञानिक दृष्टि से विचार किया जाए तो मानव शरीर को एक जटिल यंत्र से उपमित किया जा सकता है। जिस प्रकार के एक पुर्जे में दोष आ जाने पर सारा यंत्र गड़बड़ा जाता है, बेकार हो जाता है, उसी प्रकार मानव शरीर के विभिन्न अवयवों में से यदि कोई एक अवयव भी बिगड़ जाता है, तो उसका प्रभाव सारे शरीर पर पड़ता है। इतना ही नहीं गुर्दे जैसे कोमल एवं नाजुक हिस्से के खराब हो जाने से यह गतिशील वपु-यंत्र एकाएक अवरूद्ध हो सकता है, व्यक्ति की मृत्यु हो सकती है। एक अंग के विकृत होने पर सारा शरीर दण्डित हो, वह काल कवलित हो जाए - यह विचारणीय है। यदि किसी यंत्र के पुर्जे को बदलकर, उसके स्थान पर नया पुर्जा लगाकर यंत्र को पूर्ववत् सुचारू एवं व्यवस्थित रूप से क्रियाशील बनाया जा सकता है तो शरीर के विकृत अंग के स्थान पर नव्य निरामय अंग लगाकर शरीर को स्वस्थ एवं सामान्य क्यों नही बनाया जा सकता? शल्य चिकित्सकों ने इस दायित्वपूर्ण चुनौती को स्वीकार किया तथा निरन्तर अध्यवसाय पूर्णसाधना के अन्तर अंग प्रत्योरापेण के क्षेत्र में सफलता प्राप्त की। अंग प्रत्यारोपण का उद्देश्य है कि मनुष्य दीर्घायु प्राप्त कर सके। यहाँ यह उल्लेखनीय है कि मानव शरीर पर किसी के अंग को उसी प्रकार स्वीकार नहीं करता, जिस प्रकार हर किसी का उसे स्वीकार्य नहीं होता। रोगी को रक्त देने से पूर्व रक्त वर्ग का परीक्षण अत्यावश्यक है, तो अंग प्रत्यारोपण से पूर्व ऊत्तक परीक्षण अनिवार्य है। आज का शल्य चिकित्सक गुर्दे, यकृत, आँत, फेफड़े और हृदय का प्रत्यारोपण सफलतापूर्वक कर रहा है। साधन सम्पन्न चिकित्सालयों में मस्तिष्क के अतिरिक्त शरीर के प्राय: सभी अंगों का प्रत्यारोपण सम्भव हो गया है।

Question number: 174 (6 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

वैज्ञानिक दृष्टि का अपेक्षाकृत अभाव होता है

Choices

Choice (4) Response

a.

शल्य चिकित्सक में

b.

वैज्ञानिक में

c.

साहित्यकार में

d.

साहित्यशास्त्री में

Question number: 175 (7 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

उपरोक्त अनुच्छेद का सर्वाधिक उपयुक्त शीर्षक है

Choices

Choice (4) Response

a.

अंंग-प्रत्यारोपण

b.

मानव शरीर: एक यंत्र

c.

मानव शरीर और शल्य चिकित्सा

d.

सृष्टि का सिरमौर: मानव

Question number: 176 (8 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

अवयव का पर्याय है

Choices

Choice (4) Response

a.

निरूपण

b.

भंजन

c.

कोष

d.

अंग

Question number: 177 (9 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

अनुच्छेद में प्रयुक्त ‘निरामय’ शब्द का पर्याय है

Choices

Choice (4) Response

a.

अद्भुत

b.

नवीन

c.

स्वस्थ

d.

सुन्दर

Passage

लोभ का सबसे प्रशस्त रूप वह है, जो रक्षा मात्र की इच्छा का प्रवर्तक होता है, जो मन में यही वासना उत्पन्न करता है कि कोई वस्तु बनी रहे, चाहे वह हमारे किसी उपयोग में आए या न आए। इस लोभ में दोष का लेश उसी अवस्था में आ सकता है, जबकि वह वस्तु ऐसी हो, जिससे किसी को कोई बाधा या हानि पहुँचती हो। कोई सुन्दर कृष्णसार मृग नित्य आकर खेती की हानि किया करता है।उ सके सौन्दर्य पर मुग्ध होकर उसकी रक्षा चाहने वाला यदि बराबर उसकी रक्षा में प्रवृत्त रहेगा, तो बहुतों सेउसकी अनबन हो सकती है। वह लोभ धन्य है, जिससे किसी के लोभ का विरोध नहीं और लोभ की जो वस्तु अपने सब लोभियों को एक-दूसरे का लोभी बनाए रहती है, वह भी परम पूज्य है। घर का प्रेम, पुर या ग्राम का प्रेम, देश का प्रेम इसी पवित्र लोभ के क्रमश: विस्तृत रूप हैं। मनुष्य के प्रयत्नों की पहुँच बहुत ही परिमित होती है। अत: जो प्रेम क्षेत्र जितना ही निकटस्थ होगा उसमें उतने ही अधिक प्रयन्त की आवश्यकता होगी और जो जितनी ही दूर होगा, प्रयत्नों का उतना ही कम अंश उसके लिए आवश्यक होगा। सबसे अधिक घर की रक्षा का, फिर पुर या ग्राम की रक्षा का और भी देश की रक्षा का ध्यान जनसाधारण के लिए स्वाभाविक है, पर जिनकी दृष्टि बहुत व्यापक होती है, जिनके अन्त: करण में परार्थ को छोड़ स्वार्थ के लिए अलग जगह नहीं होती। वे इस क्रम का विपर्यय कर दिखाते हैं। वे देश की रक्षा के लिए अवसर पड़ने पर घर का लोभ क्या प्राण तक का लोभ छोड़ देते हैं। पर ऐसे लोग विरले होते हैं। सबसे ऐसी आशा नहीं की जा सकती।

Question number: 178 (1 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

देश प्रेम लोभ का रूप है

Choices

Choice (4) Response

a.

संकीर्ण

b.

सामान्य

c.

विस्तृत

d.

असाधारण

Question number: 179 (2 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

व्यापक का समानार्थक शब्द है

Choices

Choice (4) Response

a.

विस्तृत

b.

संकुचित

c.

उचित

d.

अधिक

Question number: 180 (3 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

संसार में ऐसे लोग विरले ही होते है

Choices

Choice (4) Response

a.

जो घर के लिए प्राण देते हैं

b.

जो पुर या ग्राम के लिए प्राण देते हैं

c.

जो अपनी रक्षा करते हुए प्राण देते हैं

d.

जो देश की रक्षा करते हुए प्राण देते हैं

Question number: 181 (4 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

विस्तृत का विपरीतार्थी शब्द है

Choices

Choice (4) Response

a.

संक्षिप्त

b.

छोटा

c.

सिमटना

d.

सिकुड़ना

Question number: 182 (5 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

शब्द ‘विरले’ से आशय है

Choices

Choice (4) Response

a.

बिखरे हुए

b.

बहुत कम

c.

अधिक

d.

कम

Question number: 183 (6 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

लाभ का प्रशस्त रूप है

Choices

Choice (4) Response

a.

वस्तु की मात्र रक्षा की इच्छा

b.

वस्तु के मात्र उपभोग की इच्छा

c.

वस्तु के मात्र उपयोग की इच्छा

d.

वस्तु को मात्र अधिकार में रखने की इच्छा

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