Reading Comprehension-Prose or Drama (CTET (Central Teacher Eligibility Test) Paper-II Hindi): Questions 167 - 175 of 413

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Passage

संस्कृति के निर्माण में एक सीमा तक देश और जाति का योगदान रहता है। संस्कृति के मूल उपादान तो प्राय: सभी सुसंस्कृत और सभ्य देशों के एक सीता तक समान रहते हैं, किन्तु बाह्य उपादानों में अन्तर अवश्य आता है। राष्ट्रीय संस्कृति का सबसे बड़ा योगदान यही है कि वह हमें अपने राष्ट्र की परम्परा से सम्पृक्त बनाती है, अपनी रीति-नीति की सम्पदा से विच्छिन्न नहीं होने देती। आज के युग में राष्ट्रीय एवं जातीय संस्कृतियों के मिलन के अवसर अति सुलभ हो गए हैं। संस्कृतियों का पारस्परिक संघर्ष भी शुरू हो गया है। कुछ नए विदेशी प्रभाव हमारे देश पर पड़ रहे है, जिनके आतंक ने हमें स्वयं अपनी संस्कृति के प्रति संशयालु बना दिया है। हमारी आस्था डगमगाने लगी है। यह हमारी वैचारिक दुर्बलता का फल है। अपनी संस्कृति को छोड़ विदेशी संस्कृति के विवेकहीन अनुकरण से हमारे राष्ट्रीय गौरव को जो ठेस पहुँच रही है, वह किसी राष्ट्र प्रेमी जागरूक व्यक्ति से छिपी नहीं है। भारतीय संस्कृति में त्याग और ग्रहण की अद्भुत क्षमता रही है। अत: आज के वैज्ञानिक युग में हम किसी भी विदेशी संस्कृति के जीवन्त तत्वों को ग्रहण करने में पीछे नहीं रहना चाहेंगे किन्तु अपनी सांस्कृतिक निधि की उपेक्षा करके नहीं। यह परावलम्बन राष्ट्र की गरिमा के अनुरूप नहीं है। यह स्मरण रखना चाहिए कि सूर्य की आलोप्रदायिनी किरणों से पौधे को चाहे जितनी जीवनशक्ति मिले किन्तु अपनी जमीन और अपनी जड़ों के बिना कोई पौधा जीवित नहीं रह सकता। अविवेकी अनुकरण, अज्ञान का ही पर्याय है।

Question number: 167 (6 of 7 Based on Passage) Show Passage

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Question

हम अपनी सांस्कृतिक सम्पदा की अपेक्षा इसलिए नहीं कर सकते, क्योंकि

Choices

Choice (4) Response

a.

ऐसा करना हमारे राष्ट्रीय हितों के अनुरूप नहीं है

b.

अपने राष्ट्र को अपमानिक करने के समान है

c.

ऐसा करने से हम जड़-विहीन पौधे के सदृश हो जायेंगे

d.

अविवेकी अनुकरण, अज्ञान का ही दूसरा नाम है और हम अज्ञानी नहीं है

Question number: 168 (7 of 7 Based on Passage) Show Passage

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Question

‘परमाश्वयक’ में प्रयुक्त सन्धि है

Choices

Choice (4) Response

a.

दीर्घ

b.

विसर्ग

c.

यण

d.

व्यंजन

Passage

साहित्यशास्त्रियों ने मानव की भावनाओं का विवेचन करते हुए अनेक रसों का निरूपण किया है, परन्तु वैज्ञानिक दृष्टि से विचार किया जाए तो मानव शरीर को एक जटिल यंत्र से उपमित किया जा सकता है। जिस प्रकार के एक पुर्जे में दोष आ जाने पर सारा यंत्र गड़बड़ा जाता है, बेकार हो जाता है, उसी प्रकार मानव शरीर के विभिन्न अवयवों में से यदि कोई एक अवयव भी बिगड़ जाता है, तो उसका प्रभाव सारे शरीर पर पड़ता है। इतना ही नहीं गुर्दे जैसे कोमल एवं नाजुक हिस्से के खराब हो जाने से यह गतिशील वपु-यंत्र एकाएक अवरूद्ध हो सकता है, व्यक्ति की मृत्यु हो सकती है। एक अंग के विकृत होने पर सारा शरीर दण्डित हो, वह काल कवलित हो जाए - यह विचारणीय है। यदि किसी यंत्र के पुर्जे को बदलकर, उसके स्थान पर नया पुर्जा लगाकर यंत्र को पूर्ववत् सुचारू एवं व्यवस्थित रूप से क्रियाशील बनाया जा सकता है तो शरीर के विकृत अंग के स्थान पर नव्य निरामय अंग लगाकर शरीर को स्वस्थ एवं सामान्य क्यों नही बनाया जा सकता? शल्य चिकित्सकों ने इस दायित्वपूर्ण चुनौती को स्वीकार किया तथा निरन्तर अध्यवसाय पूर्णसाधना के अन्तर अंग प्रत्योरापेण के क्षेत्र में सफलता प्राप्त की। अंग प्रत्यारोपण का उद्देश्य है कि मनुष्य दीर्घायु प्राप्त कर सके। यहाँ यह उल्लेखनीय है कि मानव शरीर पर किसी के अंग को उसी प्रकार स्वीकार नहीं करता, जिस प्रकार हर किसी का उसे स्वीकार्य नहीं होता। रोगी को रक्त देने से पूर्व रक्त वर्ग का परीक्षण अत्यावश्यक है, तो अंग प्रत्यारोपण से पूर्व ऊत्तक परीक्षण अनिवार्य है। आज का शल्य चिकित्सक गुर्दे, यकृत, आँत, फेफड़े और हृदय का प्रत्यारोपण सफलतापूर्वक कर रहा है। साधन सम्पन्न चिकित्सालयों में मस्तिष्क के अतिरिक्त शरीर के प्राय: सभी अंगों का प्रत्यारोपण सम्भव हो गया है।

Question number: 169 (1 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

अवयव का पर्याय है

Choices

Choice (4) Response

a.

निरूपण

b.

भंजन

c.

कोष

d.

अंग

Question number: 170 (2 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

शब्द प्रत्यारोपण की प्रयुक्त सन्धि है

Choices

Choice (4) Response

a.

स्वर सन्धि

b.

व्यंजन सन्धि

c.

विसर्ग सन्धि

d.

All of the above

Question number: 171 (3 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

अनुच्छेद में प्रयुक्त ‘निरामय’ शब्द का पर्याय है

Choices

Choice (4) Response

a.

अद्भुत

b.

नवीन

c.

स्वस्थ

d.

सुन्दर

Question number: 172 (4 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

काल कवलित हो जाना

Choices

Choice (4) Response

a.

अंग विकृत हो जाना

b.

समय का मापन

c.

व्याकुल हो जाना

d.

निधन हो जाना

Question number: 173 (5 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

अनावरत का पर्यायवाची शब्द है

Choices

Choice (4) Response

a.

खुला हुआ

b.

संघर्षपूर्ण

c.

बाधित

d.

निरन्तर

Question number: 174 (6 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

वैज्ञानिक दृष्टि का अपेक्षाकृत अभाव होता है

Choices

Choice (4) Response

a.

शल्य चिकित्सक में

b.

वैज्ञानिक में

c.

साहित्यकार में

d.

साहित्यशास्त्री में

Question number: 175 (7 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

ऊतक परीक्षण से शल्य चिकित्सक का अभिप्राय है

Choices

Choice (4) Response

a.

रक्तचाप का परीक्षण

b.

कोशिका निर्मित सूक्ष्म अंश का परीक्षण

c.

मांसपेशियों का परीक्षण

d.

यकृत परीक्षण

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